पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही जांच, खतरे में हज़ारों शिक्षकों की नौकरी

पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही जांच के बाद अब बिहार में क़रीब 90 हज़ार नियोजित शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर कई हजार नियोजित शिक्षकों के दस्तावेज़ अपलोड नहीं हुए हैं।

पटना, 9 मई 2022। पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रही जांच के बाद अब बिहार में क़रीब 90 हज़ार नियोजित शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर कई हजार नियोजित शिक्षकों के दस्तावेज़ अपलोड नहीं हुए हैं। जिसकी वजह से सर्टिफिकेट की जांच नहीं हो पाई है। उन सभी नियोजित शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है जिसे निगरानी विभाग को सौंपी जाएगी। प्राथमिक शिक्षा निदेशक रवि प्रकाश ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इस बाबत आदेश जारी कर दिया है।

84 हज़ार 874 शिक्षकों के दस्तावेज़ पोर्टल पर अपलोड नहीं

84 हज़ार 874 शिक्षकों के दस्तावेज़ पोर्टल पर अपलोड नहीं

निगरानी के नामित अफसरों को जिले डिफॉल्टर नियोजित शिक्षकों की सूची भेजी जाएगी। उसके संबधित अधिकारी जांच द्वारा जांच करवाकर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ग़ौरतलब है कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनज़र यह फ़ैसला लिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक विजिलेंस टीम 9 सालों में बहाल हुए शिक्षकों की भर्ती की जांच कर रही है। 2006 से 2015 के दौरान 3 लाख 12 हजार 180 शिक्षकों की भर्ती की जांच की जा रही है। विजिलेंस टीम को जांच के लिए 89 हजार 874 शिक्षकों के दस्तावेज़ नहीं मिल पाए हैं। क्योंकि शिक्षा विभाग के पोर्टल नियोजन इकाइयों में सर्टिफिकेट अपलोड नहीं हुए हैं।

दस्तावेज़ नहीं मिलने पर जाएगी नौकरी

दस्तावेज़ नहीं मिलने पर जाएगी नौकरी

शिक्षकों को पिछले साल ही शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड करने का निर्देश दिया जा चुका था। इसके साथ ही उन्हें साफ़ शब्दों में यह भी कहा गया था कि अगर दस्तावेज़ नहीं मिले तो नौकरी चली जाएगी। इसके साथ ही वेतन मद में भुगतान की गई राशि भी वसूल की जाएगी। वहीं शिक्षकों को पिछले साल 21 जून से 20 जुलाई (2021) तक में सर्टिफिकेट अपलोड करने का समय दिया गया था। लेकिन उन्होंने दस्तावेज़ अपलोड नहीं किए थे। जिसके बाद सर्टिफिकेट अपलोड करने की तारीख को बढ़ाते हुए 23 अगस्त से 31 अगस्त तक का मौका दिया गया। फिर भी शिक्षकों ने सर्टिफिकेट अपलोड नहीं किए। इतने कड़े निर्देश के बावजूद संबंधित शिक्षकों की लापरवाही से शिक्षा विभाग ने भी कड़ा रुख अपना लिया है।

शिक्षा अधिकारियों को सख़्त निर्देश

शिक्षा अधिकारियों को सख़्त निर्देश

शिक्षा विभाग ने निगरानी को सूची सौंपने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड नहीं करने वाले नियोजित शिक्षकों की सूची विजिलेंस टीम को दी जा रही है। निगरानी विभाग के द्वारा संबधित जिलों के सभी शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के पोर्टल पर 89 हज़ार 874 शिक्षकों के सर्टिफिकेट फोल्डर नियोजन इकाइयों में अपलोड नहीं होने की वजह से विभाग और भी ज़्यादा सख्त हो गया है।

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