पटना में बनेगा हड्डी रोग मरीज़ों के लिए देश का सबसे बड़ा अस्पताल,BMSICL को सौंपी गई निर्माण की ज़िम्मेदारी
की राजधानी पटना में पीएमसीएच, आईजीएमएस और एम्स होने के बावजूद हड्डी रोग के मरीज़ों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
पटना, 6 मई 2022। बिहार की राजधानी पटना में पीएमसीएच, आईजीएमएस और एम्स होने के बावजूद हड्डी रोग के मरीज़ों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के मद्देनज़र हड्डी रोगियों के लिए अब पटना में देश का सबसे बड़ा अस्पताल एलएनजेपी होगा। हड्डी रोग के ज्यादातर मरीज़ पीएमसीएच और आईजीएमएस का रुख करते हैं लेकिन इलाज नहीं हो पाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यहां मरीज़ों के लिए बेड कमी है।

देश का सबसे बड़ा अस्पताल होगा LNJP
हड्डी रोगियों के लिए बेड की कमी को देखते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण (राजबंशी नगर) अस्पताल में 400 बेडों का इंतज़ाम किया जा रहा है। ग़ौरतलब है कि इसके निर्माण के बाद एलएनजेपी देश का सबसे बड़ा अस्पताल हो जाएगा जहां हड्डी रोग के मरीजों का इलाज हो सकेगा। बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को स्वास्थ्य विभाग की तरफ़ से इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) सूबे का सबसे बड़ा अस्पताल है। इसके बावजूद हड्डी रोग के मरीजों के लिए सिर्फ 80 बेड स्वीकृत है।
PMCH में स्टाफ़ और डॉक्टरों की नहीं है कमी
मरीज़ों की तादाद को देखने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पीएमसीएच में 300 बेडों का इंतज़ाम किया है। इस अस्पताल (पीएमसीएच) में काफ़ी संख्या में मरीज़ आते हैं फिर भी में हड्डी रोगियों के लिए सिर्फ दो ऑपरेशन थिएटर है। आपको बता दें कि इस अस्पताल को हड्डी रोग विशेषज्ञ अस्पतालों में शुमार किया जाता है। यहां 45 हड्डी रोग चिकित्सक के साथ-साथ 100 के क़रीब नर्सिंग स्टाफ हैं। इसके बावजूद मरीजों को यहां मुकम्मल इलाज नहीं मिल पाता है। एलएनजेपी हॉस्पिटल (राजबंशी नगर) में नए भवन के निर्माण के बाद मरीज़ों के लिए 400 बेडों के साथ 10 ऑपरेशन थिएटर भी बनाए जाएंगे। ताकि बड़ी तादाद में हड्डी रोग के मरीज़ों का सफल इलाज मुमकिन हो सके।
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