Bihar में पहली बार हुआ मोटापा कम करने के लिए Bariatric Surgery, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
First Bariatric Surgery In Bihar: IGIMS पटना के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में पहली बार मोटापा कम करने के Bariatric Surgery की गई है। 110 किलोग्राम के करीब वजन वाली 64 वर्षीय महिला मोटापे से परेशान थी। डॉक्टर की टीम ने कामयाब सर्जरी कर महिला को नई ज़िंदगी दी है।
बेगूसराय जिला की रहने वाली प्रेमशीला देवी मोटापे की वजह कई बीमारियों से जूझ रही थी। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल के साथ गॉलब्लेडर में पथरी की भी परेशानी थी। वज़न ज़्यादा होने की वजह से वह सही से चलने फिर भी नहीं पाती थी।

प्रेमशीला देवी कई जगहों पर इलाज करवा करवाकर थक गईं थीं, बीमारियों से निजात नहीं मिल पा रहा था। IGIMS पटना में करीब 75 हज़ार रुपये के ख़र्च में उन्हें मोटापे से निजात मिल गया। डॉक्टरों की मानें तो निजी अस्पतालों इस बीमारी के इलाज के लिए 4 से 5 लाख रुपये तक का ख़र्च आ सकता है।
प्रेमशीला देवी के जांच के बाद डॉ. साकेत कुमार (गैस्ट्रो सर्जरी विभाग) ने लेप्रोस्कोपिक स्लीव गेस्ट्रेक्टोमी (Bariatric Surgery) करवाने की सलाह दी। वहीं मरीज़ को दवा देने के साथ ही, डाइट प्लान में भी बदलाव किया। इससे महिला का 10 किलो वज़न कम हुआ।
2 अगस्त 2023 को मरीज़ की Bariatric Surgery हुई। इस सर्जरी के ज़रिए मरीज के पेट का साइज़ कम किया गया। डॉक्टर ने बताया कि ऐसा करने से मरीज़ (प्रेमशीला देवी) को भूख ज़्यादा नहीं लगेगी। इसके साथ मोटापा को बढ़ाने वाले हॉरमोन्स पर काबू रहेगा।
डॉ. साकेत कुमार (गैस्ट्रो सर्जरी विभाग) ने मरीज़ का 1 घंटे में ऑपरेशन पूरा किया गया। वहीं दूरबीन विधि द्वारा गॉल ब्लाडर की सर्जरी भी की गई। सर्जरी के बाद मरीज़ की तबीयत सही है। डॉ. स्वाति (निश्चेतना विभाग) ने इस सर्जरी में अहम भूमिका निभाई है। सर्जरी के तीन दिन बाद प्रेमशीला देवी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉ. मनीष मंडल (चिकित्सा अधीक्षक) ने बताया की बिहार के मरीज़ों को पहले बैरिएट्रिक सर्जरी के लिए दिल्ली, इंदौर और अहमदाबाद जैसी जगहों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब बिहार में भी Bariatric Surgery मुमकिन है। बैरिएट्रिक सर्जरी के कई प्रकार होते हैं।
आमतौर पर तीन तरह से ही सर्जरी की जाती है, जिसमें वर्टिकल स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी, रॉक्स-एन-वाई गैस्ट्रिक बाईपास और लैप्रोस्कोपिक एडजेस्टेबल गैस्ट्रिक बैंडिंग शामिल है। इस सर्जरी के ज़रिए पेट के स्ट्रक्चर में बदलाव किया जाता है। इसमें पेट और पाचनतंत्र भी शामिल है। इस सर्जरी के बाद मरीज़ को ज्यादा भूख नहीं लगती है। मरीज़ ज्यादा खाना नहीं खाते हैं। इस वजह से वज़न घटने लगत है। दूरबीन विधि के ज़रिए सर्जरी होने की वजह से पेट पर बड़ा चीरा भी नहीं लगता है।












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