Holi 2023: Bihar के इस गांव में होली खेलने से परहेज़ करते हैं लोग, जानिए क्यों नहीं मनाते होली?
सती स्थान गांव के लोगों की मानें तो 500 साल पहले गांव में दांगी समाज के कुछ लोग रहा करते थे। होली के दौरान एक महिला के पति की मौत हो गई थी। व्यक्ति की अर्थी उठते ही उसकी पत्नी की भी मौत हो गई।

Holi 2023: देश भर में होली की तैयारी ज़ोरों पर है, विभिन्न जगहों से होली की रोचक खबरें पढ़ने को मिल रही हैं। होली के धूम के बीच हम आपको एक ऐसी खबरों से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिसे पढ़कर आप भी कहेंगे क्या ऐसा मुमकिन है? दरअसल बिहार के मुंगेर जिले में एक ऐसा गांव है जहां सदियों से होली का त्यौहार नहीं मनाया जाता है। सती स्थान गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले पांच सौ सालों से गांव में होली नहीं मनाई जाती है। गांव में अगर कोई होली का जश्न मनाना भी चाहता है तो उसके साथ या उसके परिवार में कुछ, अनहोनी हो जाती है।
मुंगेर जिला के असरगंज प्रखंड के सती स्थान गांव के लोगों की मानें तो 500 साल पहले गांव में दांगी समाज के कुछ लोग रहा करते थे। होली के दौरान एक महिला के पति की मौत हो गई थी। व्यक्ति की अर्थी उठते ही उसकी पत्नी की भी मौत हो गई। मौत होने के बाद महिला के शरीर से खुद ही आग पैदा होने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि महिला ने मौत से पहले गांव वालों को कहा कि गांव में कभी भी होली नहीं मनाई जाए। इसके साथ ही कहा कि उनकी बेटी से कोई भी ग़लत काम और झूठे बर्तन नहीं धुलवाएगा। महिला की मौत के बाद गांव वालों ने उसकी बात नहीं मानी और उसकी बेटी से झूठे बर्तन धुलवाने लगे।
गांव वालों का कहना है कि महिला की बेटी के साथ बदसलुकी होने के बाद महिला उत्पन्न हुई और अपने साथ बेटी को लेकर अग्नि में समा गई। गांव में आज भी मां और बेटी की समाधि मौजूद है। जिस जगह पर उन दोनों की समाधि है उसे लोग सती स्थान मंदिर के नाम से जानते हैं। स्थानीय लोगो का कहना है कि वह मंदिर काफी शक्तिशाली है। इसी हादसा के बाद से गांव के लोग होली नहीं मनाते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो कुछ साल पहले एक व्यक्ति ने होली के दिन पकवान बनाने के लिए जैसे ही कढ़ाई में तेल डालकर पूआ छानने के की शिश की। कढ़ाई से तेल का जबरदस्त छिड़काव हुआ और घर का छप्पर पूरी तरह जल गया।
गांव के लोगों के बीच ये मान्यता है कि होली के दिन जो भी इंसान पर्व की तैयारी करता है, उसके साथ हादसा हो जाता है। इस गांव की बेटी दूसरे गांव जाकर वहां होली मना सकती है। लेकिन गांव का बेटा दूसरे प्रदेश में भी जाकर होली नहीं मना सकता है। अगर वह होली मनाएगा तो उसके साथ अनहोनी हो सकती है। सती स्थान गांव के लोग होली के दिन भी साधारण दिन की तरह ही बिताते हैं। उस दिन कोई विशेष कार्यक्रम नहीं करते हैं।
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