Happy Birthday: नीतीश का बिहार के सीएम से लेकर दिल्ली तक का राजनीतिक सफर

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से अपनी पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनके जीवन में राजनीतिक झुकाव आने लगा। राजनीति के बारे में बचपन से ही वो अपने पिता से शिक्षा लिया करते थे।

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपना 66वां जन्मदिन मना रहे हैं। 1 मार्च आज ही के दिन वो बिहार की इस धरती पर एक स्वतंत्रता सेनानी के घर जन्में। जन्म लेने के बाद लोग उन्हें मुन्ना के नाम से बुलाया करते थे। आज भी बख्तियारपुर के कई बुजुर्ग उन्हें मुन्ना के नाम से पुकारते हैं। पढ़ाई लिखाई पूरा करने के बाद वो राजनीति में सक्रिय हुए और उन्होंने हरनौत से चलकर दिल्ली तक का सफर तय किया। राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी एक ऐसी पहचान बनाई है जिसे बिहार ही नहीं देश भर में सराहा जाता है। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन के बारे में कुछ खास बातें।

पढ़ाई के दौरान कुछ ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर...

पढ़ाई के दौरान कुछ ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर...

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से अपनी पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई करने के दौरान ही उनके जीवन में राजनीतिक झुकाव आने लगा। राजनीति के बारे में बचपन से ही वो अपने पिता से शिक्षा लिया करते थे, उनके पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। राजनीति में सक्रिय होने के लिए नीतीश कुमार को जेपी आंदोलन का सहारा मिला और इसी आंदोलन से उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। इसी दौरान जेपी आंदोलन में वो जेल भी गए थे। जेल से आने के बाद वो राजनीति में पूर्ण रूप से सक्रिय हो गए। जिसके बाद आज तक उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी का नमूना है कि वो बिहार के हारनौत से विधायक बनने के बाद दिल्ली तक का सफर तय कर चुके हैं। आज बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश जनता के दिलों पर राज करते हैं।

पहले चुनाव में मिली थी हार लेकिन हारे नहीं नीतीश

पहले चुनाव में मिली थी हार लेकिन हारे नहीं नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1977 और 1980 में हरनौत विधानसभा से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें वहां की जनता ने नहीं सराहा। जिसकी वजह से वो चुनाव हार गए लेकिन चुनाव हारने के बाद भी उनके हौसले कमजोर नहीं पड़े और वो दिन-पे-दिन आगे बढ़ते गए। अपने मुकाम तक पहुंचने के लिए वो युवा लोकदल के अध्यक्ष बने फिर जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव।

दूसरी बार राजनीति के धुरंधर को मात देते हुए बने थे विधायक

दूसरी बार राजनीति के धुरंधर को मात देते हुए बने थे विधायक

राजनीति में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 1985 में सफलता मिली और वो चुनाव में एक धुरंधर को हराते हुए हरनौत से विधायक बने। जिसके बाद संसदीय लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाते हुए दिल्ली तक का सफर तय किया। साल 1989 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने वार्ड संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और बिहार के दिगज महारथी कहे जाने वाले कांग्रेस के राम लखन सिंह यादव को पराजित करते हुए बिहार के नेताओं को चौंका दिया था। फिर बीपी सिंह की सरकार में कृषि राज्यमंत्री बनें। जब वो कृषि राज्यमंत्री बने तब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव सांसद थे। लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने में नीतीश कुमार ने अपनी अहम भूमिका निभाई और रामसुंदर दास के खिलाफ विधायक दल के चुनाव में लालू यादव का साथ दिया लेकिन इन दोनों की दोस्ती कुछ ज्यादा दिन नहीं चली। साल 1994 में ये दोनों अलग हो गए।

लालू-नीतीश की दोस्ती खत्म होने के बाद नीतीश कुमार ने जॉर्ज फर्नांडीस के साथ मिलकर समता पार्टी का निर्माण किया। पार्टी बनाने के बाद वो पहली बार साल 1995 में चुनावी मैदान में उतरे लेकिन उन्हें कुछ खास सफलता नहीं मिली। इस चुनाव में समता पार्टी को मात्र 7 सीट मिली। कुछ दिन चलने के बाद समता पार्टी और बीजेपी के बीच गठबंधन हुआ और ये गठबंधन काफी दिनों तक चला जिसकी वजह से 1998-2004 तक नीतीश कुमार अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में कई विभागों के मंत्री रहे। तो साल 2000 में वो 7 दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री भी बने, 2005 में राजद की सरकार को हराते हुए वो पूर्णरूप से मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठ गए जिसके बाद आज तक उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

जनता के दिलों में बनाई अपनी अलग पहचान

जनता के दिलों में बनाई अपनी अलग पहचान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य की जनता एक अलग नजरिए से देखती है। इन्हें विकास पुरुष के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि जबसे बिहार की बागडोर इन्हें हाथ में मिली है तब से बिहार प्रगति की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है। इसी का नतीजा है कि आज बिहार की महिलाएं इन्हें सबसे ज्यादा पसंद करती हैं। उन्होंने महिलाओं की मांग पर शराबबंदी जैसे फैसले को लागू किया और राज्य में परिवर्तन की नई बुनियाद बनाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा हैप्पी बर्थडे नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 66वें जन्मदिन पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फोन पर जन्मदिन की बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना की। तो केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी फोन कर मुख्यमंत्री नीतीश को जन्मदिन की बधाई दी।

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