Bihar News: बिहार के सभी स्कूलों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने की योजना, जानिए सरकार का मकसद
Bihar Vishwva Mahavari Swachhta Diwas: विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर पटना में पटना के दरोगा राय पथ पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास निगम के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बंदना प्रेयसी ने की।
कार्यक्रम में मासिक धर्म को एक सामान्य और प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में समझने और स्वीकार करने के महत्व पर ज़ोर दिया गया। समाज कल्याण विभाग की सचिव और महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक बंदना प्रेयसी ने कहा कि मासिक धर्म न तो कोई बीमारी है और न ही शर्म की बात है।

मासिक धर्म से संबंधित निर्णय महिलाओं को खुद लेने चाहिए, समाज द्वारा थोपे नहीं जाने चाहिए। उन्होंने बिहार के सभी स्कूलों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने की योजना की घोषणा की, ताकि छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाली परेशानियों से निजात मिल सके। ताकि छात्राओं को सैनिटरी उत्पादों तक पहुंच की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा, बंदना प्रेयशी ने बताया कि महिला विकास निगम ने पटना के 209 स्कूलों, कई कार्यालयों और सार्वजनिक पार्कों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें पहले ही लगा दी हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत लड़कियों को सैनिटरी नैपकिन के लिए सालाना 300 रुपये का भत्ता दिया जाता है, जिससे कुल 22,58,425 लड़कियां लाभान्वित हुई हैं।
विभाग की सचिव ने महिलाओं के प्रति अधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता पर बल दिया तथा बताया कि मासिक धर्म से संबंधित किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 पर डायल करके बुधवार और गुरुवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक स्त्री रोग विशेषज्ञों और प्रसूति रोग विशेषज्ञों से मुफ्त परामर्श उपलब्ध है।
नारी गुंजन की संस्थापक सुधा वर्गीस ने किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और भावनात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे माता-पिता और शिक्षक मासिक धर्म स्वच्छता को प्रबंधित करने में मदद करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं। यूनिसेफ के वॉश विशेषज्ञ प्रभाकर सिन्हा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी पहल नहीं है बल्कि सामाजिक जागरूकता से जुड़ा एक अभियान है।
कार्यक्रम में उपस्थित लड़कियों को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन पर आधारित एक फिल्म 'पैडमैन' दिखाई गई, जिसमें यूनिसेफ की मोना सिन्हा, मंजूषा चंद्रा, मोर्गन सिन्हा और अन्य ने भी भाग लिया। अंत में, इस कार्यक्रम में मासिक धर्म को सामान्य बनाने और मासिक धर्म स्वच्छता को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए पर्याप्त सुविधाएं और शिक्षा प्रदान करने के महत्व पर ज़ोर दिया गया।












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