अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के मामलों में बिहार सरकार काफी गंभीर है- डॉ. त्यागराजन एसएम
Bihar News: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत गठित सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन किया। गया ज़िलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम की मौजूदगी में बैठक हुई। गया डीएम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023- 24 पहली और दूसरी किस्त लाभूकों दी गई है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत कुल 90 लाभुकों को पहली किस्त दी गई है। वहीं 18 लाभुकों को दूसरी किस्त मिली है। इस तरह प्रदेश में सबसे ज्यादा गया ज़िले में पीड़ितों को फायदा मिला है। कुल 54 लाख 42 हज़ार पांच सौ रुपये बांटे गए हैं।

गया डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि हत्या के तीन में मामले में राहत अनुदान दी गई है। हत्या से संबंधित पहले के कुल 60 मामले में आश्रितों को पेंशन दी जा रही है। इसके साथ ही पेंशन के लिए 1 नए नाम को मंज़ूरी मिली है।
जिला पदाधिकारी ने सभी मामलों में यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता देने का भी निर्देश दिया, इसकी सूची विशेष लोक अभियोजक मुहैया कराएंगे। मौजूदा समय में जिला कल्याण विभाग के कार्यालय में कोई भी मुआवजे का मामला पेंडिंग नहीं है। आपको बता दें कि हर मामले में न्यायालय में हाज़िर होने वाले पीड़ित को डेढ़ सौ रुपया अल्पाहार की भी राशि भी दी जाती है।
जिला पदाधिकारी डॉ.त्यागराजन एसएम ने कहा कि प्रदेश सरकार भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मामलों में काफी गंभीर है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं की सूची में यह शुमार है कि संबंधित पीड़ित परिवार की तुरंत मदद की जाए। इस बाबात सभी विभागों का दायित्व है कि तय वक्त में एससी-एसटी के पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें।












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