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बिहार: युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोज़गार के अवसर, सरकार करने जा रही है 800 करोड़ का निवेश, जानिए

बिहार सरकार राज्य में 800 करोड़ की लागत से उद्योग लगाने की योजना पर काम रही है। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पांड्रिक ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कि अभी 419 प्लांट पर काम किया जा रहा है।
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पटना, 9 सितंबर 2022। बिहार में युवाओं के रोजगार के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिश कर रही है। यही वजह है कि प्रदेश में उद्योगपति इंडस्ट्री लगाने के लिए इनवेस्ट कर रहे हैं। युवाओं के रोजगार मद्देनज़र बिहार में भव्य फूड पार्क का निर्माण किया जा रहा है। आपको बता दें कि राज्य 250 एकड़ में बनने जा रहे शानदार फूड पार्क के निर्माण कि लाखों लोगो को फायदा मिलने की उम्मीद है। कृषि क्षेत्र में भी रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए सरकार की तरफ़ से सब्सिडी वाली कई स्कीमे चल रही है। गन्ना किसानों को मुनाफा हो इसलिए सरकार बिहार में एथेनॉल प्लांट ज्यादा से ज्यादा लगाने पर जोर दे रही है।

419 एथेनॉल प्लांट पर किया जा रहा काम

419 एथेनॉल प्लांट पर किया जा रहा काम

बिहार सरकार राज्य में 800 करोड़ की लागत से उद्योग लगाने की योजना पर काम रही है। उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पांड्रिक ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कि अभी 419 प्लांट पर काम किया जा रहा है। इन प्लांटों को लगाने में क़रीब 800 करोड़ की लागत आएगी। आपको बता दें कि बिहार में कई एथेनॉल प्लांट को जनवरी 2023 तक पूरा करना का लक्ष्य रखा गया है। मुजफ्फरपुर में बन रहे एथेनॉल प्लांट का काम 2023 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि संदीप पांड्रिक (प्रधान सचिव, उद्योग विभाग) इथेनॉल प्लांट निर्माण की मॉनीटरिंग खुद कर रहे हैं।

फूड पार्क में 30 फूड इकाई लगाने की तैयारी

फूड पार्क में 30 फूड इकाई लगाने की तैयारी

250 एकड़ में फूड पार्क का जो मास्टर प्लान तैयार किय गया है। उसमें 30 औद्योगिक फूड इकाई लगाने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि औद्योगिक रूप से पिछड़े बिहार में अब उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। बिहार में कुछ महीने पहले कई कई एथेनॉल फैक्ट्रियों की शुरुआतहुई। इसके अलावा उत्तर भारत के सबसे बड़ा पेप्सिको प्लांट बेगूसराय में लगाया गया। इन सब फैकट्रियों में हज़ारों युवाओं को रोज़गार मिला। वहीं कई टोमेटो केचप, बिस्किट औऱ चिप्स सहित फूड प्रोडक्ट्स बनाने वाली कई कंपनियां बिहार में निवेश करने चाह रही है।

कई लोगों को मिल रहा मशरूम यूनिट से रोज़गार

कई लोगों को मिल रहा मशरूम यूनिट से रोज़गार

राज्य सरकार की तरफ़ विभिन्न किस्मों की खेती के लिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में मशरूम उत्पादन के लिए औरंगाबाद में पहले यूनिट की स्थापना की गई है। यहां महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही आस-पास के लोगों को रोज़गार भी मुहैय्या कराई जा रही है। औरंगाबाद जिला के यारी गांव में मशरूम की नई यूनिट न्यूट्री फ्रेश एग्रो कंपनी स्थापित की गई है।

हर महीने 400 मेट्रिक टन उत्पादन की झमता

हर महीने 400 मेट्रिक टन उत्पादन की झमता

औरंगाबाद के डीएम सौरभ जोरवाल ने मशरूम यूनिट के कार्यप्रणाली का जायजा भी लिया था। बताया जा रहा है कि कि इस मशरूम की यूनिट में हर महीने 400 मेट्रिक टन उत्पादन हो सकता है। फिल्हाल यहां क़रीब 50 मेट्रिक टन का उत्पदान हर महीने हो रहा है। पूरे बिहार में यह पहली यूनिट स्थापित की गई है, जिससे क़रीब 150 लोगों को रोजगार मिला है।औरंगाबाद के जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सहायक निदेशक उद्यान को निर्देश देते हुए कहा कि इस तरह का मशरूम यूनिट जिले में दूसरे जगहों पर भी करवाएं। इसके साथ वैसे लोगों की समूहों की लिस्ट तैयार करें जो मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग लेना चाहते हैं। उन्हें प्रशिक्षण के लिए भी लाने के साथ ही इस व्यवसाय के लिए लोन दिलान में भी मदद करें।

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English summary
government investing 800 crore rupees on industrial development project
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