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बिहार: जब शिक्षक बने DM डॉ. नवल किशोर, बच्ची को दिया इनाम, जमकर हो रही तारीफ़

गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी के कार्यशैली की हर जगह तारीफ हो रही है। दरअसल जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर मध्यर विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों का जायजा लेने इलाके के दौरे पर थे।

गोपालगंज, 22 जुलाई 2022। बिहार के विभिन्न ज़िलों में जिलाधिकारी अपनी कार्यशैली से जनता के दिलों में घर कर रहे हैं। पिछले दिनों अररिया की जिलाधिकारी इनायत खां की सादगी सुर्खियों में थी। उसके बाद कटिहार डीएम के अंदाज़ को लोगों ने खूब सराहा था। इसके साथ ही नालंदा जिले के डीएम से भी वहां के लोग काफ़ी ख़ुश हैं। इसी कड़ी में गोपालगंज जिले डीएम भी हमेशा अपने अंदाज़ से सुर्खियों में बने रहते हैं। उनके अंदाज़ के ग्रामीण दीवाने हैं। डॉक्टर नवल किशोर चौधरी के काम करने के अंदाज़ की हर जगह तारीफ़ हो रही है। लोग उनकी सादगी के कसीदे पढ़ते नहीं थकते हैं।

DM ने ख़ुश होकर दिया बच्चों को इनाम

DM ने ख़ुश होकर दिया बच्चों को इनाम

गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी के कार्यशैली की हर जगह तारीफ हो रही है। दरअसल जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर मध्यर विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों का जायजा लेने इलाके के दौरे पर थे। इसी दौरान बरौली प्रखंड के कहला पंचायत मध्य विद्यालय निरीक्षण करने पहुंच गए। स्कूल में स्थिति का जायज़ा लेते हुए वह खुद ही ब्लैकबोर्ड पर शिक्षक की तरह खड़े हो कर बच्चों को पढ़ाने लगे। ग़ौरतलब है कि बच्चे यह वहीं जान रहे थे कि वह उनके जिला के कलेक्टर हैं। पर्यावरण सुरक्षा पर संदेश देते हुए उन्होंने बच्चों से गणित के सवाल भी पूछे। बच्चों ने बहुत अच्छे से सवालों का जवाब दिया। वहीं डीएम ने भी बच्चों से खुश हो कर उन्हें चॉकलेट दिया।

बच्ची ने डीएम डॉ. नवल किशोर को सुनाई कविता

बच्ची ने डीएम डॉ. नवल किशोर को सुनाई कविता

मध्य विद्यालय का जायज़ा लेने के बाद वह आंगनबाड़ी केंद्र (कहला पंचायत) में पहुंचे। वहां हालात का जायज़ा लेते हुए बच्चों से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने बच्चों से कविता सुनाने के लिए कहा। अचानक कविता सुनाने बोलने पर कई बच्चे तो खामोश रहे वही एक बच्ची ने बैठे-बैठे कविता सुनाई। ईनाम के तौर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर ने बच्ची को चॉकलेट दिया। इसके बाद देखा देखी दूसरे बच्चों ने भी ईनाम पाने के लिए कविताएं सुनाई। वहीं उन्होंने कहा कि बच्चों को विषय की जानकारी होती है,इसके बावजूद जवाब नहीं दे पाते हैं। इसके पीछ सबसे बड़ी वजह हिचक है, ज़्यादातर बच्चे जवाब जानने के बाद भी बोल नहीं पाते हैं।

स्कूल के हालातों का DM ने लिया जायजा

स्कूल के हालातों का DM ने लिया जायजा

डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि आसान लफ्ज़ों में बच्चों को पढ़ाने से उनमें समझने की कुव्वत बढ़ती है। उन्होंने कहा कि वह जहां भी जांच के लिए जाते हैं, वहां शिक्षक किस तरह से पढ़ाते हैं। वह जानने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही बच्चों को उस अंदाज़ में पढ़ाते हैं जिससे उन्हें समझ में आए। आपको बता दें कि जिलाधिकारी डॉ. नवल विद्यालय और आगनवाड़ी केंद्र जांच के लिए जाते हैं तो बच्चों को उत्साहित करने के लिए चॉकलेट और बिस्किट रख लेते हैं। फिर उन्हें इनाम के तौर पर देकर प्रोत्साहित करते हैं। वहीं जिलाधिकारी ने जांच के दौरान स्कूल के हालात पर प्रिंसिपल और शिक्षकों से भी बातचीत की। इसके साथ ही बच्चों की स्कूल में कम मौजूदगी पर अभिभावकों को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

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