Gopal Khemka मर्डर केस से विकास का क्या था कनेक्शन? पटना एनकाउंटर में हुआ ढेर, मां पूछ रही सिर्फ एक सवाल?
Gopal Khemka Case: बिहार की राजधानी पटना में कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियार सप्लायर विकास उर्फ राजा को मुठभेड़ में मार गिराया। मंगलवार, 8 जुलाई तड़के मालसलामी थाना क्षेत्र के दमरिया घाट के पास हुई इस मुठभेड़ में विकास ने पुलिस पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया।
घटनास्थल से एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए। विकास के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इस बीच, विकास की मां ने रोते हुए सवाल उठाया, 'मेरा बेटा चेन्नई में काम करता था, उसने क्या गलत किया?'

Gopal Khemka Murder Vikas Connection: विकास का क्या था कनेक्शन?
पुलिस के अनुसार, विकास उर्फ राजा ने गोपाल खेमका की हत्या में इस्तेमाल हथियार शूटर उमेश यादव को मुहैया कराया था। उमेश की निशानदेही पर पुलिस ने विकास को पकड़ने के लिए मालसलामी इलाके में छापेमारी की थी। विकास पहले भी हत्या, डकैती और अवैध हथियार सप्लाई जैसे मामलों में शामिल रहा था।
Gopal Khemka Murder Mastermind: हत्याकांड का मास्टरमाइंड और शूटर गिरफ्तार
पटना पुलिस ने इस हत्याकांड में मुख्य शूटर उमेश यादव उर्फ विजय और मास्टरमाइंड अशोक साह को भी गिरफ्तार कर लिया है। अशोक साह, जो पहले सरिया का कारोबार करता था और अब बिल्डर है, ने 10 लाख रुपये की सुपारी देकर गोपाल खेमका की हत्या कराई थी। उमेश को इसमें से 1 लाख रुपये एडवांस में मिले थे। पुलिस ने उमेश के पास से हत्या में इस्तेमाल बाइक, पिस्तौल, 80 कारतूस, दो मोबाइल और 3 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
Gopal Khemka Murder: कैसे हुई गोपाल खेमका की हत्या?
4 जुलाई 2025 की रात 11:40 बजे गोपाल खेमका की उनके गांधी मैदान स्थित अपार्टमेंट के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि हेलमेट पहने शूटर ने महज 6 सेकंड में वारदात को अंजाम देकर स्कूटी से फरार हो गया। हत्या के पीछे जमीन विवाद और कारोबारी रंजिश को मुख्य कारण माना जा रहा है, जो हाजीपुर की 14 बीघा जमीन से जुड़ा है।
Who Was Gopal Khemka: कौन थे गोपाल खेमका?
गोपाल खेमका बिहार के टॉप 10 कारोबारियों में शुमार थे। उन्होंने अशोक राजपथ पर 'औषधि मेडिको' दवा दुकान से अपने कारोबार की शुरुआत की थी, जिसके अब पटना में कई ब्रांच हैं। इसके अलावा, वे पेट्रोल पंप, हाजीपुर में जीके कॉटन और कार्टन फैक्ट्री जैसे व्यवसायों से जुड़े थे। उनका बिजनेस साम्राज्य 100 करोड़ रुपये से अधिक का था। खेमका बांकीपुर क्लब के पूर्व सचिव और रोटरी इंटरनेशनल के डीजी भी रह चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच कहां तक पहुंची?
पटना पुलिस और एसटीएफ ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई की। उमेश की गिरफ्तारी के बाद उदयगिरी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 601 में छापेमारी कर अशोक साह समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। फ्लैट से जमीन से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। बेऊर जेल में छापेमारी के दौरान पुलिस को मोबाइल, सिम कार्ड और संदिग्ध नंबरों की पर्ची मिली, जिससे गैंगस्टर अजय वर्मा के कनेक्शन का शक गहराया है।
पहले बेटे की हत्या, 7 साल बाद पिता गोपाल की
गोपाल खेमका की हत्या ने उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है। सात साल पहले 2018 में उनके बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या हुई थी। गोपाल की मां ने रोते हुए कहा, 'पहले मेरा पोता, फिर बेटा चला गया। मेरा परिवार उजड़ गया। मारवाड़ी भाइयों की सुरक्षा के लिए कुछ कीजिए।'
पुलिस पर उठे सवाल
हत्याकांड के बाद पुलिस की देरी से पहुंचने पर सवाल उठे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर दो घंटे बाद पहुंची। जेडीयू नेता नीरज कुमार ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पटना पुलिस ने दावा किया है कि हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली गई है और सभी आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे लाया जाएगा।
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