बिहार: 7 साल बाद ज़िंदा हुआ 'मृत' बच्चा, 4 महीने का था तो हुआ मां से जुदा, अब हुई मुलाकात
महिला सात साल बाद जब जेल से बाहर आई तो ससुराल वालों ने कहा कि उसके बच्चे की मौत हो चुकी है। बच्चे का डेथ सर्टिफिकेट भी उन लोगों ने महिला को दे दिया। लेकिन महिला को उनकी बातों पर यकीन नहीं हुआ, इसलिए उसने इंसाफ के लिए...
गया, 30 सितंबर 2022। बिहार में विभिन्न ज़िलों से अपराध की कई खबर सामने आते रहती है। अपराध की ये खबर थोड़ा हट के है, जिसमें एक मां को दस्तावेज़ों में 'मृत' बच्चे से सात साल बाद मुलाक़ात हुई है। मां ने अपने बच्चे को पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जिसके बाद अब उसे बच्चा मिलेगा। मामला गया जिले के कठौतिया गांन का है। जहां अजय यादव नाम के व्यक्ति की 24 मई 2015 को हत्या कर दी गई थी। अजय यादव के हत्या का आरोप उसकी पत्नी पर लगा था। कत्ल के इल्ज़ाम में महिला को जेल के सलाखों के पीछे भेज दिया गया था। वहीं महिला के 4 महीने के बच्चे को ससुराल पक्ष को सौंप दिया गया था।

बच्चे का बनवाया फर्जी डेथ सर्टिफिकेट
महिला सात साल बाद जब जेल से बाहर आई तो ससुराल वालों ने कहा कि उसके बच्चे की मौत हो चुकी है। बच्चे का डेथ सर्टिफिकेट भी उन लोगों ने महिला को दे दिया। लेकिन महिला को उनकी बातों पर यकीन नहीं हुआ, इसलिए उसने इंसाफ के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। कोर्ट में केस जीतने के बाद अब महिलो का उसका बच्चा वापस मिलेगा।

बच्चे को किया मृत घोषित
पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब बच्चे को मां को सौंपने की तैयारी की जा रही है। महिला के ससुराल वालों ने बच्चे को मृत घोषित कर डेथ सर्टिफिकेट भी बनवा लिया था और पुलिस को भी वह लोग चकमा दे रहे थे। महिला ने स्थानीय थाना में बच्चे को बरामद करने की गुहार लगाई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला के ससुराल पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले आई। इसके बाद ग्रामीणों उन दोनो को छोड़ने की मांग को लेकर थाने का घेरवा कर दिया। मामला उग्र होता देख पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।

मां को बच्चे से मिलवाने की पुलिस ने की पहल
महिला जब थाने से निराश हो गई तो उसने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। कोर्ट में मामले की सुनवाई हुए और पुलिस को जांच के आदेश जारी हुआ। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो कहानी में ट्विस्ट आना शुरू हुआ, धीरे-धीरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस की जांच में पता चला की बच्चे की मौत नहीं हुई है, उस छिपाकर कहीं रखा गया है। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार और अपने जांच के आधार पर पुलिस ने महिला को उसके बच्चे से मिलवाने की पहल शुरू कर दी।

बच्चे का चाचा ढूंढ रही पुलिस
पुलिस ने काफी खोजबीन करने के बाद बच्चे को बरामद किया और चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाने के बाद उसे अपने मां को सौंपा जाएगा। गया की एसएसपी हरप्रीत कौर मामले की जानकारी देते हुए बताया कि महिला के ससुराल वालों ने बच्चे को मृत घोषित कर फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया था। पुलिस की जांच में जानकारी सामने आई के बच्चे के चाचा ने इस सारे काम को अंजाम दिया था। पुलिस आरोपी को गिफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर क्यों उसने ऐसा काम किया है ।
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