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Fresh Fish Dhaba: तालाब से सीधे प्लेट तक पहुंचेगी ताज़ी मछली, ग्राहकों को खूब भा रहा कॉन्सेप्ट

कोरोना काल के बाद लोग फ्रेश चीज़ों को खाना पसंद कर रहे हैं, इसी को ध्यान में रखते हुए पटना में इंजीनियर रंजीत ने तालाब से प्लेट तक ताज़ी मछली के कॉन्सेप्ट पर ढाबा खोला है।

Fresh Fish Dhaba In Patna,

Fresh Fish Dhaba: मुजफ्फरपुर के 'एमबीए चाप वाला' उत्कर्ष दीक्षित के बाद अब राजधानी पटना में इंजीनियर रंजीत कुमार का 'फ्रेश फिश ढाबा' सुर्खियों में छाया हुआ है। पटना में मांसाहारी भोजन के शौकीन कई लोग हैं, इसे देखते हुए ही रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक ज़ायका बदल-बदल कर भोजन परोसने का नया-नया प्रयोग करते हैं। कोरोना काल ने लोगों की ज़िंदगी में ऐसा बदलाव लाया कि वह अब खाने के लिए ज्यादातर फ्रेश ही चीज़ों को पसंद कर रहे हैं। पटना में मांसाहारी भोजन के लिए कई होटल और ढाबे हैं, लेकिन वहां बिल्कुल ताज़ा, मांस और मछली मिले यह ज़रूरी नहीं। इंजीनियर रंजीत कुमार को इससे ही आइडिया आया कि क्यों न कुछ ऐसा प्रयोग किया जाए जिससे लोगों के प्लेट तक बिल्कुल ताज़ा भोजन पहुंच सके।

रंजीत कुमार ने खोला इको फ्रेंडली रेस्टोरेंट

रंजीत कुमार ने खोला इको फ्रेंडली रेस्टोरेंट

रंजीत कुमार ने इसी तर्ज़ पर इको फ्रेंडली रेस्टोरेंट खोला जहां तालाब से सीधे आपके प्लेट तक ताज़ी मछली का डिश बनाकर सर्व किया जाता है। रंजीत कुमार ने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ कर मछली के व्यवसाय में ही कैरियर की तलाश की। उन्होंने अनोखा प्रयोग करते हुए ग्राहकों को उनके सामने तालाब से मछली निकाल कर ही डिश बनाकर सर्व करना शुरू किया। 3 साल पहले रंजीत ने इस कॉन्सेप्ट पर काम करना शुरु किया, शुरुआत में तो मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन धीरे-धीरे लोगों को रंजीत का कॉन्सेप्ट पसंद आने लगा। आज पटना में कोई भी मछली खाने का ज़िक्र करता है तो फ्रेश फिश ढाबा का नाम ज़रूर लेता है।

20 साल नौकरी करने के बाद आया आईडिया

20 साल नौकरी करने के बाद आया आईडिया

पटना के गोला रोड में इको फ्रेंडली ढाबा बनाया गया है, जहां आपके लिए एसी में बैठने की व्यवस्था के साथ ही पाकृतिक लुत्फ उठाने के लिए झोपड़ी का भी विकल्प है। ग़ौरतलब है कि इस ढाबे में आप किसी मछली की फरमाइश करते हैं तो आपके सामने तालाब से उस मछली को निकाला जाता है। फिर उसका डिश बना कर सर्व किया जाता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ निकालते वक्त ही आपको मछली दिखाई जाती है, बल्कि मछली जब किचन में बन रही होती है तो उसे भी आप देख सकते हैं। रंजीत कुमार ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि उन्होंने 20 साल तक इंजीनियरिंग की नौकरी की, उसके बाद कुछ नया करने का मन में आया। इसलिए उन्होंने ताज़ी मछली के कॉन्सेप्ट का अनोखा प्रोयग किया।

ग्राहक के सामने निकालते हैं तालाब से मछली

ग्राहक के सामने निकालते हैं तालाब से मछली

रंजीत के ढाबा में ग्राहक के सामने तालाब से मछली निकालने से लकर बनाने तक काम किया। इससे ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ा। हेड कुक मुकेश ने बताया कि मछली को बिना किसी मसाले के सरसों तेल में फ्राइ किया जाता है। इसके अलावा ग्राहकों की फरमाइश पर मेन कोर्स में अलग-अलग जायके की मछली डिश भी तैयार की जाती है। ग्रिल मछली को भी लोगों को काफी पसंद आ रहा है। मछली खाने के शौकीन लोगों के लिए फ्रेश फिश ढाबा पहली पसंद बनता जा रहा है। यहां ज़्यादातर लोग मछली की अलग-अलग किस्मों का ज़ायका लेने पहुंच रहे हैं। ढाबे पर आए ग्राहकों ने बताया कि यहां ताज़ी मछली परोसी जाती है जो कि सबसे अच्छी बात है। जस मछली की फरमाइश करते हैं, उसी मछली का डिश सर्व किया जाता है।

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