Gaya News: बहरेपन के शिकार बच्चों के लिए इस दिन लगेगा हेल्थ कैंप, बच्चों के मुफ्त इलाज के लिए नंबर भी जारी
Gaya News: जिला में श्रवण श्रुति कार्यक्रम की मदद से सुनने में असक्षम बच्चों का इलाज किया जा रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनकी प्रांरभिक जांच प्रभावती अस्पताल स्थित डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर पर होती है।
इसके बाद उन्हें पटना के एम्स में भी जांच की जाती है। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे बच्चों को कॉकलियर इंप्लाट के लिए कानपुर भेजा जाता है। इसे लेकर 14 दिसंबर को सुबह दस बजे से श्रवण श्रुति कैंप का आयोजन किया गया हैं।

प्रभावती अस्पताल के डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में डॉक्टर बच्चों के कम सुनने की क्षमता या बहरापन के शिकार बच्चों की जांच करेंगे। जांच के दौरान बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा माता या पिता का आय प्रमाण पत्र लाना आवश्यक है।
डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा श्रवण श्रुति कार्यक्रम का अनुश्रवण किया जा रहा है। श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट वरदान बन चुका है ऐसे बच्चे अपने माता-पिता को प्रतिक्रिया दे रहे हैं जिससे उनके माता-पिता के चेहरे पर अब मुस्कान आ रही है।
अपने बच्चों को बोलते-सुनते हुए देखने में उम्मीद जगी है और यह सब श्रवण श्रुति प्रोजेक्ट के कारण हो रहा है। इस प्रोजेक्ट की जिलाधिकारी द्वारा नियमित समीक्षा भी की जा रही है। कई बच्चों के कॉकलियर इंप्लांट तथा अन्य आवश्यक जाचं के लिए निशुल्क इलाज की सुविधा मुहैया करायी जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार ने गया जिला में इस प्रोजेक्ट के सफल संचालन को देखते हुए इस जिला को मॉडल माना है। इस मॉडल का अनुसरण करते हुए अतिरिक्त नौ जिलों में इस प्रोजेक्ट का संचालन किये जाने की योजना है।
इन जिलों में पटना, नालंदा भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, वैशाली आदि जिलों में सुनने में असक्षम बच्चों के इलाज कराया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों की जांच के लिए 9852761844 नंबर जारी किया गया है जिस पर फोन कर इलाज के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।












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