Bihar News: पूर्व मंत्री बृज बिहारी हत्या मामला, निचली अदालत के बाद हाइकोर्ट और अब SC का 'सुप्रीम फ़ैसला'
Supreme Court On Brij Bihari Case: बिहार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की साल 1998 में हत्या कर दी गई थी। 3 अक्टूबर 2024 गुरुवार को हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम फ़ैसला सुनाया है। जस्टिस संजय कुमार, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने CBI की अपील पर फ़ैसला सुनाया।
पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी (पूर्व भाजपा सांसद) और सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई करते हुए राजद नेता मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई है। आपको बता दें कि इससे पहले साल 2014 में हत्या मामले से जुड़े सभी आठ आरोपियों को सबूत के अभाव मं पटना हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था।

पटना हाइकोर्ट के फ़ैसले को पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी और सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। 22 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए फ़ैसला महफूज़ रख लिया था। पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला (मुन्ना शुक्ला), पूर्व सासंद सूरजभान सिंह और राजन तिवारी 8 आरोपियों पटना हाइकोर्ट ने बरी कर दिया था।
पूर्व मंत्री हत्या मामले में सभी आरोपियों को साल 2009 में निचली अदालत ने उम्र कैद की सज़ा सुनाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट का मामले में फैसला आया है, जिसमें मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है। आपको बता दें कि 13 जून 1998 में पूर्व मंत्री मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की हत्या की गई थी।
ख़बर के मुताबिक इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (पटना) में पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम के बीच श्री प्रकाश शुक्ला (उत्तर प्रदेश का माफिया) ने एके-47 से पूर्व मंत्री को छलनी कर दिया था। बृज बिहारी प्रसाद की मौत के बाद उनकी पत्नी रमा देवी ने लालू यादव और उनके परिवार पर संगीन आरोप लगाए थे।
पूर्व मंत्री की मौत के बाद रमा देवी सियासत में सक्रिय हुई और राजद की टिकट पर लोकसभा चुनाव में दांव खेला। 12वीं लोकसभा में सांसद चुनी गई। फिर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और साल 2009 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। इसके बाद लगातार वह 2014 और 2019 में भी जीती।












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