इस्तीफे के बाद मेवालाल चौधरी ने दिया बयान, कहा- नीतीश कुमार का सच्चा सिपाही हूं, आंच नहीं आने दूंगा
पटना। बिहार मंत्रीमंडल में मेवालाल चौधरी की सेवा समाप्त हो गई है। शिक्षा मंत्री की कुर्सी छीनने पर घोटाले के आरोपी जेडीयू विधायक मेवालाल चौधरी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सच्चे सिपाही हैं । हम नहीं चाहते थे कि मेरी वजह से मुख्यमंत्री की छवि पर किसी तरह की कोई आंच आए। इसलिए हमने खुद ही इस्तीफा दिया है।
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मंत्री की कुर्सी गंवाने वाले आरोपी मेवालाल ने कहा कि वे जब तक पाक साफ नहीं हो जाते वह पद पर नहीं रहेंगे। पूर्व शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने यह सारी बातें उस वक्त कही जब वह अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए निकल रहे थे। मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाने के बाद नीतीश कुमार के दामन पर जो दाग लगे थे उसे मिटाने को लेकर इस्तीफा दिलाई गई।
लेकिन कहीं न कहीं इस प्रकरण से सीएम नीतीश की यूएसपी पर सवाल जरूर खड़े हुए हैं। मेवालाल चौधरी भले ही यह कह रहे हों कि मेरी वजह से नीतीश जी की छवि पर आंच आये हम यह नहीं चाहेंगे। लेकिन मंत्री पद जाने की टेंशन और नीतीश कुमार की छवि पर जो सवालिया निशान लगे उसका असर मेवालाल के चेहरे पर साफ साफ दिख रहा था।
बता दें कि नव नियुक्त शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी परअसिस्टेंट प्रफेसर नियुक्ति में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। मेवालाल ने तीन दिन पहले नीतीश सरकार में नए शिक्षामंत्री के तौर पर शपथ ली थी। शपथ के साथ ही मेवालाल विवादों में घिर गए।
विपक्षी राजद ने नए शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। मेवालाल चौधरी पर सबौर विश्वविद्यालय का कुलपति रहते हुए नियुक्ति घोटाले में मामला दर्ज हुआ था। ये केस भागलपुर ADG-1 के पास विचाराधीन है और फिलहाल चार्जशीट का इंतजार किया जा रहा है।
मेवालाल चौधरी 2015 में पहली बार जेडीयू विधायक बने थे। इससे पहले तक वो एक शिक्षक थे। उनके कुलपति रहते कृषि विश्वविद्यालय में साल 2012 में सहायक प्राध्यापक और जूनियर वैज्ञानिकों की नियुक्तियां हुई थीं। बताया जाता है कि इन नियुक्तियों में धांधली की गई थी।












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