बिहार: एक ही जगह बोटिंग, गंडक सफ़ारी और हैंगिंग ब्रिज का मज़ा, यहां बनेगा पहला बायोडायवर्सिटी पार्क
बिहार सरकार इन दिनों पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही है।
पटना, 18 अप्रैल 2022। बिहार सरकार इन दिनों पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही है। बिहार में प्राकृतिक ससांधनों की मदद से पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है, कुछ ऐसे ज़िले हैं जहां बेहतर प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। उन संसाधनों को विकसित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसी कड़ी में अब राज्या का पहला बायोडॉयवर्सिटी पार्क बनाने की क़वायद तेज़ की जा चुकी है। बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार कोशिश कर रही है।

प्रदेश का पहला बायोडायवर्सिटी पार्क
बायोडायवर्सिटी पार्क बनाने के लिए राज्य सरकार ने भीमलपुर जंगल को चिन्हित किया है। आपको बता दें कि यहा बिहार का पहला नदी आधारित गंडक बायोडायवसिर्टी पार्क होगा। भिमलपुर जंगल मोतिहारी जिले के मोतिहारी-मुजफ्फरपुर सीमा पर स्थित मेहसी में है। यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क की तर्ज पर इसका निर्माण किया जायेगा। ग़ौरतलब है कि 302 एकड़ ज़मीन में यह जंगल फैला हुआ है। इस जंगल के बीच से बुढ़ी गंडक नदी भी बहती है।

नौका बिहार के तहत गंडक सफारी की भी सुविधा
बुढ़ी गंडक नदी के किनारे पर पहले फेज में हैंगिंग ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। आपको बता दें कि यह हैंगिंग ब्रिज ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला की तरह बनाया जाएगा। इस बाबत रोड मैप तैयार किया जा चुका है। इस कार्य योजना के तहत ब्रिज के ज़रिए एक भूमि खंड को दूसरे भूमि खंड से जोड़ा जायेगा। सैलानियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो इसलिए सभी मूलभूत सुविधाएं भी मुहैय्या करवाई जाएंगी । इसके अलावा नौका बिहार के तहत गंडक सफारी की भी सुविधा होगी। भीमलपुर जंगल का निरीक्षण कर डीएम शीर्षत कपिल अशोक और वन प्रमंडल पदाधिकारी ने यह निर्देश जारी किया है।

RCD के ज़रिए रोड से भी जुड़ेगा वन क्षेत्र
गंडक बायोडायवर्सिटी पार्क का काम को तेज़ी से अमलीजामा पहनाने के लिए एक टीम निरीक्षण करेगी। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव इस जगह का जायजा लेंगे ताकि विकास कार्य तेज़ी से किया जा सके। आपको बता दें कि भौगोलिक रूप से इस वन भूमि का मौसम बहुत ही सुहाना रहता है। वन क्षेत्र के बीच से बूढ़ी गंडक के बहने से यहां चार चंद लग जाता है। सैलानियों के को परेशानी नही हो, इसलिए वन क्षेत्र को आरसीडी के ज़रिए रोड से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है।
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