मानवता शर्मसार, बेटी की लाश को हॉस्पिटल से कंधे पर लादकर श्मशान ले गया पिता
बिहार में मानवता को शर्मसार करनेवाली एक घटना हुई है। एक पिता को हॉस्पिटल प्रशासन ने एंबुलेंस नहीं दी जिसके बाद उसे बेटी की लाश को कंधे पर लादकर श्मशान ले जाना पड़ा।
पटना। मरी हुई मानवता की एक तस्वीर बिहार के स्वास्थ्य विभाग में देखने को मिली जिसे देखकर सभी का दिल पिघल गया पर उनका दिल नहीं पिघला जिनके सामने एक मजबूर बाप अपनी बेटी की लाश कंधे पर लिए एंबुलेंस के लिए गुहार लगा रहा था। पैसे नहीं होने के कारण उसकी बेटी की लाश को एंबुलेंस वाले श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।

बेटी की लाश कंधे पर उठाए पिता ने रात के अंधेरे में सरकारी बाबुओं का दरवाजा खटखटाया जो हॉस्पिटल में आराम फरमा रहे थे पर किसी भी ने भी उसकी मदद नहीं की। फिर अपनी गरीबी और लाचारी का रोना रोते हुए बाप, बेटी की लाश को कंधे पर उठाते हुए श्मशान ले गया जहां उसकी अंतिम संस्कार की गई।
बिहार में मुजफ्फरपुर जिले के सरकारी सदर अस्पताल में एक मजबूर बाप अपने बेटी की लाश को कंधे पर लिए एंबुलेंस के लिए सभी से गुहार लगा रहा था। सरकार ने सभी सरकारी अस्पताल में 108 एंबुलेंस नि:शुल्क उपलब्ध कराई है पर इन साधनों का गरीबों के लिए कितना उपयोग होता है, यह इस घटना ने बयां कर दी है। जब इस बारे में जिले के सिविल सर्जन से बातचीत की गई तो उन्होंने इस मामले में खुद को अंजान बताते हुए मामले की तहकीकात करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही
जानिए पूरा मामला
मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में जिले के ही मझौलिया रोड की रहने वाली सुमित्रा देवी को पिता ने इलाज के लिए 18 फरवरी को भर्ती कराया था। अचानक उसकी तबीयत काफी खराब हो गई जिससे उसे आईसीयू में ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान रात के 11 बजे उसकी मौत हो गई। मौत के बाद पिता ने उसकी लाश को शमशान ले जाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात अस्पताल प्रबंधक और चिकित्सकों से कही पर किसी ने उसकी नहीं सुनी।
बेटी की लाश को अस्पताल के आईसीयू वार्ड से निकालकर बाहर कर दिया गया। फिर बेटी की लाश कंधे पर उठाए मजबूर पिता अस्पताल कर्मचारियों से गुहार लगाता रहा पर किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। इसके बाद अपनी गरीबी और बेटी की मौत का गम लिए पिता उसकी लाश को कंधे पर उठाकर श्मशान ले गया।












Click it and Unblock the Notifications