Fake TTE Bihar News: फर्जी टीटीई, AC कोच और शराब, काली कोट में काला धंधा करता तस्कर पटना में गिरफ्तार

Fake TTE Bihar News: बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस बार सवालों के घेरे में न सिर्फ शराब माफिया हैं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यशैली है। पटना रेल पुलिस ने पंजाब मेल में चेकिंग के दौरान एक फर्जी टीटीई को गिरफ्तार किया है, जो वातानुकूलित कोच में 18 लीटर अंग्रेजी शराब लेकर यात्रा कर रहा था। इस घटना ने शराबबंदी की हकीकत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

फर्जी वर्दी, असली शराब: AC कोच में धड़ल्ले से तस्करी
रेल पुलिस की टीम ने सोमवार को डाउन पंजाब मेल ट्रेन के कोच A-1 में चेकिंग अभियान चलाया। बर्थ संख्या 24 के पास एक संदिग्ध ट्रॉली बैग मिला। पूछताछ करने पर एक व्यक्ति ने खुद को टीटीई बताया, लेकिन पहचान पत्र मांगने पर घबरा गया और भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार किया।

Fake TTE Bihar News

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के लहुबार गांव निवासी रजनीकांत यादव के रूप में हुई है। उसके बैग से 18 लीटर अंग्रेजी शराब, दो मोबाइल, टैबलेट, नकली नेम प्लेट, काला कोट और पहचान पत्र बरामद हुए।

शराबबंदी के दावों की धरातली सच्चाई
बिहार सरकार भले ही शराबबंदी को एक "सामाजिक क्रांति" बताती हो, लेकिन हकीकत यह है कि फर्जी टीटीई बनकर शराब तस्करी तक हो रही है। AC कोच जैसी संरक्षित जगह में अंग्रेजी शराब की मौजूदगी यह बताती है कि तस्कर अब कितनी चालाकी से सिस्टम को चकमा दे रहे हैं।

बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए सात साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद शराब की काली तिजारत न सिर्फ गांव-गली में, बल्कि अब रेलगाड़ियों के वातानुकूलित डिब्बों में भी फल-फूल रही है।

सवालों के घेरे में प्रशासन
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं-

क्या शराब माफिया अब रेलवे जैसे केंद्रीय तंत्र तक अपनी पहुंच बना चुके हैं?

क्या रेलवे कोच में चढ़ने वाले कर्मचारियों की सत्यता की जांच नहीं होती?

क्या रेलवे पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लग चुकी है?

रेल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

शराबबंदी या दिखावा?
बिहार सरकार द्वारा लागू की गई शराबबंदी अब धीरे-धीरे एक दिखावटी कानून बनती जा रही है, जहां गरीब और मजदूर जेल में सड़ रहे हैं, लेकिन संगठित तस्कर फर्जी वर्दी पहनकर सिस्टम का मजाक बना रहे हैं। यह मामला बताता है कि अब वक्त आ गया है जब सरकार को केवल प्रचार नहीं, ज़मीन पर परिणाम देने होंगे।

रेलवे के भीतर शराब तस्करी की यह घटना न केवल एक कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह बिहार की शराबबंदी नीति की असफलता का प्रमाण भी है। जब तक इस अवैध धंधे की जड़ों तक पहुंचकर कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक शराबबंदी सिर्फ कागजों पर ही जीवित रहेगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+