'बिहार का नटवरलाल', DGP को भी लगाया चूना, बड़े-बड़े अधिकारियों के साथ तस्वीर वायरल
'बिहार का नटवरलाल'पटना से पुलिस ने फ़र्ज़ी जज को गिरफ़्तार किया है, जिसने हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनकर डीजीपी पर दबाव बना रहा था। ईओयू ने घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दिया जिसके बाद आरोपी अभिषेक अग्रवाल समेत तीन...
बिहार में अपराध के कई मामले सामने आते हैं जिसका पुलिस पर्दाफाश करती है, लेकिन जब पुलिस को ही अपराधी चूना लगाने लगे तो फिर आम इंसान की तो बात ही छोड़िए। पुलिस के छोटे-मोटे सिपाही को नहीं बल्की नटवरलाल ने तो डीजीपी को ही चूना लगा दिया। इतना ही नहीं अपने साथी पुलिस अधिकारी पर लगे केस को भी हटवा दिया। दरअसल बिहार कैडर के IPS आदित्य कुमार के ऊपर शराबबंदी का मामला चल रहा था। इस मामले को रफ़ा दफा करवाने के लिए अभिषेक (आरोपी) ने खुद को हाईकोर्ट चीफ जस्टिस बताकर डीजीपी एसके सिंघल को करीब 50 बार कॉल किया। मामले खुफिया इनपुट से फर्ज़ीवाड़े का खुलासा हुआ तो पुलिस महकमा भी दंग रहा गया।

पटना से पुलिस ने फ़र्ज़ी जज को किया गिरफ़्तार
पटना से पुलिस ने फ़र्ज़ी जज को गिरफ़्तार किया है, जिसने हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनकर डीजीपी पर दबाव बना रहा था। ईओयू ने घंटे के अंदर मामले का खुलासा कर दिया जिसके बाद आरोपी अभिषेक अग्रवाल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूलिस की पूछताछ में उसने बताया कि अपने आईपीएस अधिकारी दोस्त को बचाने के लिए जज बनकर डीजीपी को कॉल किया था। वही उसके पास से एक दर्जन मोबाइल और 9 सिम भी बरामद हुए हैं। फॉरेंसिक जांच में डीजीपी को कॉल करने की पुष्टी भी हो गई। वह पहले भी ठगी मामले में जेल जा चुका है। वह फोन के ज़रिए विभिन्न लोगों को कॉल कर अपने काम निकलवाया करता था।

गृह मंत्री का पीए बनकर भी लगाया था चूना
अभिषेक की सोशल मीडिया पर कई नेताओं और अधिकारियों के साथ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज़ है कि अभिषेक अग्रवाल का बड़े-बड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ उठना बैठना है। हालांकि वन इंडिया हिंदी इसकी पुष्टी नहीं करता है। आपको बता दें कि आरोपी अभिषेक ने गृह मंत्री का पीए बनकर भी कई बार अधिकारियों को चूना लगा चुका है। इस मामले में 2018 में उसे गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा गया था। 2014 में उसने बिहार के एक पुलिस अधीक्षक को भी ब्लैकमेल कर उसके पिता से अच्छी खासी रकम वसूली थी। एक आईपीएस अधिकारी से 2 लाख रुपये की ठगी में भी इसका नाम सामने आया था।

बिहार में जालसाजी के कई मुकदमे दर्ज
अभिषेक पर बिहार में जालसाजी के कई मुकदमे दर्ज हैं, वह हर बार नई तरह से ठगी करता है। ग़ौरतलब है कि उसने जिस आईपीएस के लिए जज बनकर कॉल किया था, उसे मामले में क्लीनचिट भी मिल चुका था। आर्थिक अपराध इकाई ने आरोपी को गिरफ्तार कर धोखाधड़ी, फर्जी नाम से कॉल करने और साइबर अपराध मामला दर्ज कर जेल भेजा है। वहीं आरोपी अभिषेक से पूछताछ के आधारा पर संबंधित आईपीएस अधिकारी पर भी कार्रवाई की जा रही है।

संगीन आरोपों जा चुका है जेल
आरोपी अभिषेक मामले में लोगों ने सवाल किया कि 6 जून 2022 को उसके बेटे का जन्मदिन था। जन्मदिन समारोह का आयोजन पटना के बड़े से होटल में किया गया था। उसमें पुलिस के कई अधिकारी मौजूद थे। सभी मस्ती करते हुए नज़र आ रहे थे। 31 मार्च 2022 को उसकी कई आईपीएस अधिकारी के साथ खाना खाता नज़र आ रहा है। इस तरह की उसकी कई तस्वीरें वायरल हैं।

लोगों ने पूछे पास कई सवाल
अभिषेक मामले में लोगों ने सवाल पूछते हुए कहा कि जब वह अपराधी है तो फिर उसके साथ पुलिस के बड़े-बडे अधिकारियों का उठना बैठना क्यों है। वह पहले से ही संगीन आरोप में जेल जा चुका है, इसके बावजूद उसके साथ बड़े-बड़े अधिकारी नज़र आते हैं। क्या यह जांच का विषय नहीं है। लोगों में अभिषेक को लेकर काफी नाराजगी हैं, अब पुलिस इन मामलों में क्या कार्रवाई करती है यह देखने वाली बाती होगी।
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