Bihar Exit Poll: सीमांचल में महागठबंधन को बढ़त, पाटलिपुत्र-मगध में NDA को कितनी सीटें, Axis My India का सर्वे
Bihar Exit Poll 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मतदान समाप्त होने के बाद अब सबकी निगाहें एग्जिट पोल पर टिक गई हैं। Axis My India द्वारा जारी नवीनतम एग्जिट पोल रिपोर्ट में बिहार के दो प्रमुख इलाकों - (सीमांचल और पाटलिपुत्र-मगध क्षेत्र) में राजनीतिक परिदृश्य में दिलचस्प अंतर सामने आया है।
एक ओर सीमांचल में महागठबंधन (MGB) को बढ़त मिलती दिख रही है, तो दूसरी ओर पाटलिपुत्र-मगध में एनडीए (NDA) ने मजबूती से पकड़ बनाई हुई है।

सीमांचल में महागठबंधन को बढ़त, NDA पिछड़ा
Axis My India के अनुसार सीमांचल की 24 विधानसभा सीटों में से महागठबंधन को 15 सीटों पर बढ़त मिलती नजर आ रही है, जबकि NDA को 8 सीटों पर समर्थन मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं जनता समाज पार्टी (JSP) को 1 सीट और अन्य दलों को कोई सीट नहीं मिलने का अनुमान है।
सीमांचल का इलाका जिसमें (किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया जैसे जिले शामिल हैं) लंबे समय से मुस्लिम और यादव मतदाताओं का गढ़ माना जाता है। इस क्षेत्र में राजद (RJD) और कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक का असर एक बार फिर दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी, बाढ़ और सीमांचल के विकास जैसे मुद्दों ने यहां के मतदाताओं को प्रभावित किया है, जिसके चलते महागठबंधन को लाभ होता दिख रहा है।
पटलिपुत्र-मगध में NDA का पलड़ा भारी
दूसरी ओर, पटलिपुत्र-मगध क्षेत्र की 58 सीटों पर तस्वीर बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। यहां Axis My India के मुताबिक NDA को 32 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि महागठबंधन 25 सीटों पर सीमित रह सकता है। JSP को यहां कोई सीट नहीं मिलने का अनुमान है, जबकि अन्य दलों को 1 सीट पर संभावित जीत दिखाई गई है।
यह क्षेत्र बिहार की राजनीति का 'पावर सेंटर' माना जाता है, जहां से नीतीश कुमार और कई वरिष्ठ भाजपा नेता आते हैं। पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद और औरंगाबाद जैसे जिले NDA के परंपरागत प्रभाव वाले माने जाते हैं। विकास, कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर यहां के मतदाताओं ने NDA के पक्ष में झुकाव दिखाया है।
राजनीतिक विश्लेषण: दो क्षेत्रों में दो तस्वीरें
एग्जिट पोल के नतीजे साफ संकेत देते हैं कि बिहार के मतदाता एक समान पैटर्न में वोट नहीं कर रहे हैं। सीमांचल में जातीय समीकरण और अल्पसंख्यक एकजुटता का लाभ MGB को मिला है, जबकि पटलिपुत्र-मगध में शासन और स्थिरता के मुद्दे पर NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह ट्रेंड बताता है कि बिहार की राजनीति अब क्षेत्रीय मुद्दों के आधार पर और अधिक बंटी हुई दिखाई दे रही है।
14 नवंबर को तय होगी सियासत की दिशा
Axis My India के एग्जिट पोल ने बिहार के चुनावी समर में नई ऊर्जा भर दी है। एक तरफ जहां सीमांचल में महागठबंधन के लिए राहत की खबर है, वहीं NDA के लिए पटलिपुत्र-मगध की बढ़त सत्ता की उम्मीदों को मजबूत करती है। अब 14 नवंबर को मतगणना के साथ यह साफ हो जाएगा कि जनता ने किस पर भरोसा जताया - महागठबंधन के जनाधार पर या NDA के शासन मॉडल पर। एग्जिट पोल के ये अनुमान वास्तविक नतीजों से कितने मेल खाते हैं, यह देखने लायक होगा।












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