Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bihar Assembly Elections 2025: भाकपा ने मांगी 24 सीटें, महागठबंधन में सीट बंटवारे का क्या हो सकता है फॉर्मूला?

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, महागठबंधन (Grand Alliance) के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर रणनीतिक मंथन तेज हो गया है। इसी क्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय महासचिव डी. राजा की बुधवार को पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है।

भाकपा की मांग और संकेत
इस मुलाकात के दौरान डी. राजा ने तेजस्वी यादव से आगामी चुनाव में 24 सीटों की मांग रखी। सूत्रों के मुताबिक, भाकपा ने संभावित सीटों की एक सूची भी सौंपी है, जो उनके पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इन सीटों में बेगूसराय, आरा, दरभंगा और समस्तीपुर जैसे जिलों की सीटें शामिल हैं।

Bihar Assembly Elections 2025

तेजस्वी यादव का रुख
तेजस्वी यादव ने भाकपा प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि महागठबंधन की समन्वय समिति की आगामी बैठक में सभी घटक दलों को सम्मानजनक हिस्सेदारी देने पर विचार किया जाएगा। यह बयान राजनीतिक संकेत देता है कि राजद अपने सहयोगियों को नाराज़ किए बिना सीटों का व्यावहारिक बंटवारा करना चाहती है।

संभावित सीट शेयरिंग फॉर्मूला क्या हो सकता है?
2020 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए, महागठबंधन के प्रमुख घटक दल और उनकी संभावित सीट हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार हो सकती है:

घटक दल 2020 में लड़ी सीटें संभावित 2025 हिस्सेदारी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 144 140-145
कांग्रेस 70 40-45
भाकपा-माले 19 20-25
भाकपा 6 15-20
माकपा 4 5-6
VIP/अन्य 5 5-10

इस चार्च से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि राजद अपनी प्रमुख भूमिका बरकरार रखते हुए सहयोगी दलों को ज़मीनी ताकत और प्रदर्शन के आधार पर सीटें देगी।

सीट शेयरिंग से आगे: विचारधारा और संदेश की एकजुटता
डी. राजा और तेजस्वी यादव की बातचीत महज सीटों तक सीमित नहीं थी। उन्होंने देश के मौजूदा राजनीतिक हालात और केंद्र की "तानाशाही प्रवृत्तियों" के खिलाफ एकजुट विपक्ष की आवश्यकता पर भी बात की। इसका संकेत है कि महागठबंधन आने वाले चुनावों में केवल जातीय समीकरणों नहीं, बल्कि विचारधारा के आधार पर भी वोटरों को जोड़ने की कोशिश करेगा।

क्यों महागठबंधन की सीट डील महत्वपूर्ण है?
NDA की आक्रामक तैयारी: बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पहले से ही सीटों को लेकर स्पष्टता दिखा रहा है।

वोट ट्रांसफर की चुनौती: 2020 में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन ने पूरे गठबंधन को नुकसान पहुंचाया।

वाम दलों की नई ऊर्जा: किसान आंदोलन और छात्र राजनीति से मिले समर्थन ने CPI और CPI-ML को नई ताकत दी है।

भाकपा की तेजस्वी यादव से मुलाकात ने बिहार चुनाव 2025 के महागठबंधन सीट बंटवारे की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। आने वाले हफ्तों में समन्वय समिति की बैठक से यह तय होगा कि महागठबंधन इस बार कितनी एकजुटता के साथ मैदान में उतरता है। सीट शेयरिंग का फॉर्मूला ही अंततः यह तय करेगा कि क्या यह गठबंधन एनडीए को कड़ी टक्कर दे पाएगा या नहीं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+