Diwali 2022: इंटर की छात्रा सरिता का कमाल, तेल से नहीं पानी से जलेंगे दीये

Diwali 2022: भागलपुर जिले के विभिन्न जगहों पर इंटर की छात्रा सरिता द्वार बनाए गए दीये के स्टॉल लगाये गये हैं। बाजारों में इस दीये की मांग काफी बढ़ गई है। अनोखे दीये का निर्माण करने वाली सरिता ने बताया कि महंगाई को...

Diwali 2022: दिवाली की रौनक बाज़ारों में दिखने लगी है, विभिन्न प्रकार के दीये बाज़ारों में चांद लगा रहे हैं। इसी कड़ी में हम आपको बिहार के भागलपुर जिले की बेटी द्वारा बनाए गए दीए के बारे में बताने जा रहे हैं। इस दिए के इस्तेमाल से आप महंगाई की मार से बचेंगे और आपके पॉकेट पर कम असर पड़ेगा। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सरिता द्वारा बनाए गए दीये तेल से नहीं पानी से जलेंगे। यह सुनकर आपको भी हैरानी हुई होगी की पानी से दीए जलेंगे, यह कैसा मज़ाक है लेकिन नहीं यह सही है आइए जानते हैं सरिता के अनोखे दीये की खासियत।

इंटर की छात्रा सरिता ने बनाया अनोखा दीया

इंटर की छात्रा सरिता ने बनाया अनोखा दीया

भागलपुर जिले के विभिन्न जगहों पर इंटर की छात्रा सरिता द्वार बनाए गए दीये के स्टॉल लगाये गये हैं। बाजारों में इस दीये की मांग काफी बढ़ गई है। अनोखे दीये का निर्माण करने वाली सरिता ने बताया कि महंगाई को देखते हुए उसे यह खयाल आया कि इस दिवाली कुछ ऐसा का जाए, जिससे लोगों के पॉकेट पर कम असर पड़े। महंगाई की वजह से दीवाली की रोशनी फींकी न पड़े यह सोचकर उन्होंने अनोखे दीए का निर्माण किया।

पानी से जलता है अनोखा दिया

पानी से जलता है अनोखा दिया

सरिता ने दीये की खासियत की जानकारी दी, उन्होंने बताया कि आखिर पानी से दीये कैसे जल रहे हैं। प्लास्टिक के दीये में बत्ती के तौर पर रुई या कपड़ा नहीं है, बल्की बत्ती की जगह एलइडी लगाई गई है। दीये के अंदर बैटरी लगाई गई है, जब दीये में पानी डाला जाता है तो बैटरी से तार का संपर्क होने पर एलईडी जलने लगता है। जब एलईडी जलता तो बिल्कुल दीये जैसा दिखता है।

40 रुपये में बिक रहा अनोखा दीया

40 रुपये में बिक रहा अनोखा दीया

भागलपुर शहर के डीएन सिंह रोड पर अपने दीये का स्टॉल लगाया है, काफी तादाद में लोग दीया खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। दीये की कीमत 40 रुपये प्रति पीस है, इसके बावजूद ये अनोखा दीया लोगों की पहली पसंद बन चुका है। पानी डालते ही जलने की वजह से दीया लोगों को काफी पसंद आ रहा है। सरिता ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वह कुछ-कुछ नया प्रयोग कर निर्माण करती है और उसे बेचकर अपना गुजारा करती है। इन कामों में कक्षा 10 में पढ़ने वाली छोटी बहन भी उनकी मदद करती है।

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