Dev Diwali 2022: भगवान श्री राम की 21 हज़ार दीपों से जगमगाएगी आकृति, इस तरह की गई तैयारी
Dev Diwali 2022: स्थानीय लोगों की मानें तो कोरोना के कहर के बाद पहली बार इस तरह का विशाल आयोजन किया जा रहा है। देव दिवाली के शुभ अवसर पर पूर्णिया शहर को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। पूर्णिया शहर के विभिन्न जगहों को भगवा...
Dev Diwali 2022: बिहार में छठ पूजा की धूम खत्म होते ही देव दिवाली के जश्न की तैयारी हो रही है। विभिन्न जगहों से देव दिवाली की दिलचस्प खबरें सामने आ रही है। इसी कड़ी में आज हम आपको बिहार के पूर्णिया ज़िले की खबर से रूबरू करवाने जा रहे हैं। जहां 7 नवंबर को 21 हज़ार दीपों से भगवान श्री राम की आकृति तैयार की जा रही है। देव दिवाली के आयोजन लिए के सौरा नदी के तट तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। श्रीराम सेवा संघ की तरफ आयोजन कर से 21 हज़ार दीपों से देव दिवाली के जश्न की तैयारी पूरी की जा चुकी है।

21 हज़ार दीपों से महाआरती करेंगे पुरोहित
देव दिवाली की महाआरती के लिए हरिद्वार और बनारस के पुरोहितों आमंत्रित किया गया है। दूसरे प्रदेश से बाए गए पुरोहित 21 हज़ार दीपों से महाआरती करेंगे। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की देव दिवाली ऐतिहासिक होने वाली है क्योंकि इस बार बिहार की सबसे बड़ी रंगोली का भी रिकॉर्ड बनने जा रहा है।

बिहार के नाम दर्ज होगा नया रिकॉर्ड
देव दिवाली के संयोजकों की मानें तो आज (सोमवार 7 नवंबर 2022) को बिहार के नाम एक नया रिकॉर्ड जुड़ने जा रहा है। इसके लिए खास तैयारी पूरी की चुकी है। पूर्णिया के नाम प्रदेश की सबसे बड़ी रंगोली बनाने का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। दीपों के ज़रिए भगवान श्रीराम की आकृति और बड़ी स्वास्तिक के साथ ओम की आकृतियां बनाई गई हैं। इसके अलावा देव दिवाली में शिरकत करने वाले लोगों के लिए खास तस्वीरे और आकर्षक चीजें भी बनाई गई हैं।

कोरोनाकाल के बाद पहली बार विशाल आयोजन
स्थानीय लोगों की मानें तो कोरोना के कहर के बाद पहली बार इस तरह का विशाल आयोजन किया जा रहा है। देव दिवाली के शुभ अवसर पर पूर्णिया शहर को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा। पूर्णिया शहर के विभिन्न जगहों को भगवा पताकों से सजाया जाएगा। वहीं भगवा पताकों के अलावा विशेष तौर से सजी हुई 21 आकृति चौकी सौरा नदी के तट पर चार चांद लगाने वाली है। मां काली मंदिर के प्रांगण और आरती स्थल तक जाने वाले रास्तों को फूल और रंगीन बल्बों से सजा दिया गया है।

'एतिहासिक होने वाली है देव दिवाली'
देव दिवाली के विशाल आयोजन के लिए सभी लोगों को विभिन्न ज़िम्मेदारियां सौंपी गई है। इस बाबात बाजबते टीम का गठन किया गया है। गौरतलब है कि एक टीम को आरती के महाआयोजन की ज़िम्मेदारी दी गई है, तो वहीं 21 हज़ार मिट्टी के दीयों के जलाने की ज़िम्मेदारी गांव की बेटियों को सौंपी गई है। वहीं संघ के सदस्यों के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। यह लोग सफेद कुर्ता, पैजामा और सिर पर साफा रखेंगे। ताकि लोग संघ के सदस्यों को आसानी से पहचान सकेंगे और कोई परेशानी होगी तो उनसे संपर्क कर पाएंगे। इसके अलावा देव दिवाली में शिरकत करने आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। संघ के सदस्यों का कहना है कि इस बार की देव दिवाली में अभी तक के रास्ते रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।
ये भी पढ़ें: Chhath Puja 2022: अलग-अलग लोगों ने बनाई एक तरह की आकृति, 70 सालों से चली आ रही परंपरा












Click it and Unblock the Notifications