हिजाब विवाद के बाद अब बिहार में लाउडस्पीकर से अज़ान पर रोक की मांग, गरमाई सियासत
बिहार में एक तरफ़ एनडीए गठबंधन के मंत्री इफ़्तार पार्टी दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर गठबंधन के ही मंत्री मस्जिद में लाउडस्पीकर से अज़ान पर रोक की मांग कर रहे हैं।
पटना, 09 अप्रैल 2022। बिहार में एक तरफ़ एनडीए गठबंधन के मंत्री इफ़्तार पार्टी दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर गठबंधन के ही मंत्री मस्जिद में लाउडस्पीकर से अज़ान पर रोक की मांग कर रहे हैं। बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने सभी दलों के नेताओं को हाल ही में इफ़्तार पार्टी दी। बिहार की राजनीति के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा कोटे से बिहार के मंत्री जनक राम ने लाउडस्पीकरों से मस्जिदों में अजान पर रोक लगाने की मांग की है। अजान पर रोक लगाने के पीछे उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में खलल पहुंचने का हवाला दिया है।

बिहार में गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल
बिहार के मंत्री एक तरफ़ गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश करते हुए इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। वहीं एनडीए गठबंधन के ही मंत्री ने लाउडस्पीकर से अज़ान पर रोक लगाने की मांग कर सियासी पारा चढ़ा दिया है। गौरतलब है कि इफ़्तार पार्टी में सीएम नीतीश कुमार समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने भी शिरकत की। जिसमें मंत्री नितिन नवीन, अवधेश नारायण सिंह (सभापति, विधान परिषद) के साथ कई और विधायक भी शामिल रहे। इस दौरान अवधेश नारायण सिंह ने कहा कोरोना काल के बाद इफ्तार का आयोजन हुआ अच्छा लग रहा है। इस तरह के कई इफ्तार पार्टी का आयोजन देखने को मिलेगा। एआईएमआईएम के विधायकों ने भी शिरकत करते हुए कहा कि इसे सियासी इफ़्तार नहीं बोलें। यह पाक महीना रमज़ान में आयोजन हुआ है। इफ्तार पार्टी में पक्ष और विपक्ष दोनों नेताओं ने शिरकत की। सभी नेताओं ने कहा कि यह आपसी भाईचारा बढाने के लिए है, इसमे सियासत जैसी कोई बात नहीं है।

मंत्री जनक राम की बयानबाज़ी से चढ़ा सियासी पारा
बिहार सरकार के मंत्री जनक राम के लाउडस्पीकर से अज़ान पर रोक लगाने के बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि हिंदुओं के त्यौहार के वक़्त डीजे और तेज गति से वाहन चलाने पर रोक लगाई जाती है। इसी तरह उसी संविधान के तहा मस्जिदों से तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर पर भी रोक लगनी चाहिए। उन्होंन कहा कि अन्य समुदायों के लोग भी मस्जिदों के आसपास रहते हैं। काफ़ी तादाद में छात्र-छात्राएं भी होती हैं। सुबह-सुबह मस्जिदों में तेज आवाज से उन्हें परेशानियां होती है। नीतीश सरकार में मैं मंत्री हूं और इस बाबत मुझे शिकायत मिलती रहती है।

भाजपा के बढ़ते क़द पर लग सकता है वीराम
मंत्री जनक राम ने कहा कि बाबा साहब के संविधान का हवाला देकर जब आप एक वर्ग के त्योहार में लाउडस्पीकर पर रोक लगा देते हैं। तो फिर मस्जिदों में भी लाउडस्पीकर से आज़ान देने पर भी रोक लगनी चाहिए। तेज आवाज वाले मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर भी बंद होने चाहिए। सियासी जानकारों की मानें बिहार सरकार में मंत्री होने के नात जनक राम को इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए। हां अगर अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी हिंदुत्व की राजनीति करना चाहती है भाजपा तो फिर इस तरह की बयानबाज़ी से फ़ायदा हो सकता है। लेकिन अगर सियासी समीकरणों की बात करें तो इस तरह की बयानबाज़ी से भाजपा की सियासी पकड़ कमज़ोर होगी। क्योंकि बिहार में सिर्फ़ हिंदुत्व की राजनीति से सियासी नैय्या पार लगाना आसान नही है। भाजपा तेज़ी से बिहार में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। लेकिन अगर भाजपा नेताओं ने अपनी इस तरह की बयानबाज़ी पर लगाम नहीं लगाई तो फिर पार्टी का जनाधार भी तेज़ी से खिसक सकता है।
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