Darbhanga Lok Sabha Seat: कांग्रेस के बाद सबसे ज़्यादा रहा है BJP का क़ब्ज़ा, जानिए सियासी इतिहास

Darbhanga Lok Sabha Seat: बिहार में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी तैयारियां शुरू हो चुकी है। 40 लोकसभा सीटों पर राजनीतिक पार्टियों ने रणनीतियां बनानी भी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आज हम आपको दरभंगा लोकसभा सीट के समीकरण और इतिहास के बारे में बताने जा रहे हैं।

मिथिलांचल की दिसलचस्प सीटों में शुमार की जाने वाली दरभंगा लोकसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था। कांग्रेस के बाद सबसे ज़्यादा भाजपा ने इस पर क़ब्ज़ा जमाया है। इसके बाद भारतीय लोक दल, लोक दल, जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल का परचम भी लहराया है।

Darbhanga Lok Sabha Seat Election

दरभंगा लोकसभा सीट पर साल 1952 से लेकर 1971 तक कांग्रेस प्रत्याशी जीत का परचम लहराते रहे है। आपातकाल के बाद 1977 में यह सीट कांग्रेस के पाले से निकलकर भारतीय लोक दल के क़ब्ज़े में चली गई। 1980 में कांग्रेस ने वापिस इस सीट को अपने खाते में लिया। लेकिन उसके बाद फिर कभी सीट पर वापसी नहीं कर पाई।

दरभंगा लोकसभा सीट पर पहली बार साल 1999 में भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराया था। उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 'NDA सरकार' गठित हुई थी। यहां से कीर्ति झा आज़ाद ने जीत दर्ज कर भाजपा के खाते में सीट दिया। इससे पहले राजद के खाते में यह सीट थी।

1999 के लोकसभा चुनाव में दरभंगा के राज मैदान से खुद अटल बिहारी वाजपेयी ने दरभंगा की जनता को संबोधित किया था। अटल बिहार वाजपेयी के प्रभाव से कीर्ति झा आजाद जीतकर सांसद चुने गए थे। वहीं यह भी कहा जाता है कि पहली बार दामाद को दरभंगा सीट से आशीर्वाद मिला (दरभंगार कीर्ति झा आजाद का ससुराल है)

2004 के लोकसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी ने इस सीट पर क़ब्ज़ा जमाया, फिर भाजपा ने बाज़ी मारी और 2009 से आज तक इस सीट पर भाजपा का ही क़ब्ज़ा रहा है। ग़ौरतलब है कि इस सीट से सबसे ज्यादा बार मोहम्मद अली अशरफ फातमी सांसद चुने गए हैं। जनता दल की टिकट पर दो बरा और राष्ट्रीय जनता दल की टिकट पर दो बार जीत दर्ज की है।

दरभंगा लोकसभा क्षेत्र का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बाढ़ और सुखाड़ है। बारिश के दिनों में बारिश की पानी से बाढ़ की परेशानी और गर्मी के दिनों में पानी नहीं होने की वजह से सुखाड़ की परेशानी बनी रहती है। यहां के जातीय समीकरण की बात की जाए तो ब्राह्मण, यादव और मुस्लिम मतदाता विनिंग फैक्टर के तौर पर जाने जाते हैं। इस लोकसभा सीट के अंदर 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनमें दरभंगा, दरभंगा ग्रामीण, अलीनगर, बेनीपुर, बौरम और बहादुरपुर विधानसभा सीटों के नाम शामिल हैं।

दरभंगा के सांसदों की सूची

1952: श्री नारायण दास, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (दरभंगा सेंट्रल सीट)

1952: अनिरुद्ध सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (दरभंगा पूर्व सीट)

1952: श्याम नंदन मिश्रा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (दरभंगा उत्तर सीट के रूप में)

1952: ललित नारायण मिश्रा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (दरभंगा भागलपुर सीट)

1957: श्री नारायण दास, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (दरभंगा सीट)

1957: रामेश्वर साहू, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (दरभंगा SC सीट)

1962: श्री नारायण दास, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1967: सत्य नारायण सिन्हा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1971: बिनोदानंद झा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

1972: ललित नारायण मिश्रा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (पोल द्वारा)

1977: सुरेंद्र झा 'सुमन', भारतीय लोक दल

1980: हरि नाथ मिश्रा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (इंदिरा)

1984: विजय कुमार मिश्रा, लोक दल

1989: शकीलुर रहमान, जनता दल

1991: मोहम्मद अली अशरफ फातमी, जनता दल

1996: मोहम्मद अली अशरफ फातमी, जनता दल

1998: मोहम्मद अली अशरफ फातमी, राष्ट्रीय जनता दल

1999: कीर्ति आज़ाद, भारतीय जनता पार्टी

2004: मोहम्मद अली अशरफ फातमी, राष्ट्रीय जनता दल

2009: कीर्ति आज़ाद, भारतीय जनता पार्टी

2014: कीर्ति आज़ाद, भारतीय जनता पार्टी

2019: गोपाल जी ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी

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