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बिहार: गंगा नदी के किनारे पानी लेने पहुंचा युवक, खींच ले गया मगरमच्छ, इस तरह बची जान

सुरेश मंडल ने बताया कि गंगा नदी के किनारे पर मगरमच्छ ने पैर पर हमला किया और जबड़े में दबाते हुए 20 फीट गहरे पानी में खींच लिया।
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भागलपुर, 22 अगस्त 2022। बिहार के भागलपुर से मगरमच्छ के हमले का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक अजगवीनाथ धाम के जहाज घाट पर कभी-कभी एक मगरमच्छ नज़र दिखा करता है, जो की अब नरभक्षी बन चुका है। बताया जा रहा है कि गुरुवार की देर शाम दुधैला के रहने वाले सुरेश मंडल गंगा नदी के किनारे पानी लेने गए थे तभी मगरमच्छ ने उनपर हमला बोल दिया। दुधैला (वार्ड-24) गणेश मंडल का बेटा सुरेश मगरमच्छ के हमले से बुरी तरह ज़ख्मी हो गया।

20 फीट गहरे पानी में मगरमच्छ ने खींचा

20 फीट गहरे पानी में मगरमच्छ ने खींचा

सुरेश मंडल ने बताया कि गंगा नदी के किनारे पर मगरमच्छ ने पैर पर हमला किया और जबड़े में दबाते हुए 20 फीट गहरे पानी में खींच लिया। कोशिश करते हुए किसी तरह सुरेश मंडल का पैर मगरमच्छ के जबड़े से छूटा, उसने जैसे-तैसे तैरकर गंगा नदी से बाहर निकल कर अनी जान बचाई। सूझबूझ से सुरेश मंडल की जान तो बच गई लेकिन दायां पैर बुरी तरह से जख्मी हो गया। नदी से तैरकर सुरेश मंडल बाहर तो निकल गया लेकिन दर्द की वजह से वह चल नहीं पा रहा था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे घर तक ले जाया गया।

गंगा किनारे पानी लेने गया था सुरेश

गंगा किनारे पानी लेने गया था सुरेश

युवक के घर पर ही प्राथमिक इलाज किया जा रहा था लेकिन जब रात में पैर की दर्द से युवक बेचैन हुआ तो परिजनों ने इलाज के लिए उसे एक निजी उपचार केंद्र में भर्ती कराया। क्लिनिक में इलाज होने के बाद थोड़ा बेहतर महसूस कर रहे सुरेश मंडल को बेहतर इलाज लिए के डॉ हेमशंकर शर्मा (भागलपुर) रेफर कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दुधैला दियारा से नाव के ज़रिए गंगा पार कर गुरुवार की रात 8:30 बजे सुल्तानगंज पहुंचे थे। शौचालय के बाद सुरेश मंडल गंगा किनारे पानी लेने गया इसी दौरान मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और जबड़े में फैर दबाकर पानी के खींच ले गया।

युवक के पैर में दर्द और जलन

युवक के पैर में दर्द और जलन

मगरमच्छ के हमले में युवक के पैर का मांस कट गया जिसकी वजह से मगरमच्छ के जबड़े से पैर छूटा और तैरते हुए किसी तरह जान बचाकर गंगा से बाहर निकला। गंगा नदी से तैरकर बाहर निकलने के बाद नदी से कुछ दूरी पर लेट गया क्योंकि पैर में जलन और दर्द की वजह से वह चलने में असमर्थ था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे घर पहुंचाने के बाद लोकल डॉक्टर से इलाज कराया गया। उसके बाद भी ज़्यादा आराम नहीं हुआ तो स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां पर इलाज के बाद आराम मिला तो ज्यादा बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया गया।

मगरमच्छ के हमले में पैर फ़्रैक्चर

मगरमच्छ के हमले में पैर फ़्रैक्चर

ज़ख्मी सुरेश की हालत देखते हुए डॉक्टर ने बताया कि युवक के पैर पर मगरमच्छ के हमले में गहरे निशान हैं। बहुत ही खुशकिस्मत और हिम्मती युवक है जो इतने गहरे ज़ख्म के बाद भी महफूज़ है। मगरमच्छ के काटने के बाद 9 से 25 घंटे तक का वक़्त बहुत ही गंभीर होता है। इस दौरान जान जाने का भी खतरा रहता है। 25 घंटे गुज़र जाने के बाद युवक महफूज़ है और अब खतरे से बाहर है। ज़ख्म भरने में अभी वक़्त लगेगा । मगरमच्छ के हमले की वजह से सुरेश की पैर के हड्डी में फ़्रैक्चर है। धीरे-धीरे सुरेश अपनी नॉर्मल ज़िदगी गुजारने लगेगा।

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English summary
crocodile in ganga river sulatanganj bhagalpur
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