विधान परिषद चुनाव: कांग्रेस ने तारिक अनवर के नाम के ऐलान में की भूल, पता चलने पर बदल दिया कैंडिडेट
पटना। बिहार में विधान परिषद की नौ सीटों पर 6 जुलाई को चुनाव होने हैं। इस बार राजद और जदयू के खाते में तीन-तीन सीटें हैं। भाजपा के कोटे में दो सीटें जबकि कांग्रेस के कोटे में एक सीट है। राजद, जदयू और भाजपा ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया था। सबसे अंत में कांग्रेस ने बुधवार को तारिक अनवर को उम्मीदवार बनाया लेकिन गुरुवार को पार्टी ने उनका नाम वापस लेकर समीर कुमार सिंह की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी। समीर कुमार सिंह ने नामांकन दाखिल कर दिया है।

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तारिक अनवर का नाम क्यों हटा?
तारिक अनवर कांग्रेस के कद्दावर और वरिष्ठ नेता हैं। वे पांच बार कटिहार से सांसद रहे हैं। उम्मीदवार के तौर पर तारिक अनवर का नाम वापस लेने के पीछे पार्टी ने यह वजह बताई है कि उनका नाम दिल्ली की मतदाता सूची में है। वे बिहार के वोटर नहीं हैं। विधान परिषद चुनाव की उम्मीदवारी के लिए बिहार का मतदाता होना अनिवार्य है। उनकी उम्मीदवारी के ऐलान के समय कांग्रेस पार्टी ने इस बात का ध्यान नहीं रखा जिस वजह से नामांकन दाखिल करने के आखिरी समय पर तारिक अनवर की उम्मीदवारी रद्द करनी पड़ी।
समीर कुमार सिंह कौन हैं?
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी उपाध्यक्ष समीर कुमार सिंह मुंगेर के रहने वाले हैं। उनके दादा बनारसी प्रसाद सिंह और पिता राजेंद्र प्रसाद सिंह प्रदेश में पार्टी के कद्दावर नेता रहे हैं। बनारसी प्रसाद सिंह मुंगेर संसदीय क्षेत्र से तीन बार सांसद रहे।
अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों की सूची
राष्ट्रीय जनता दल ने फारूख शेक, सुनील सिंह और प्रोफेसर रामबली चंद्रवंशी को अपने कोटे से उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने संजय मयूख और सम्राट चौधरी को नामित किया है। जदयू ने सबसे पहले उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए अपनी सूची में गुलाम गौस, कुमुद वर्मा और भीष्म साहनी को शामिल किया।












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