चुनावी जनसभा में सीएम नीतीश कुमार ने कहा- पति-पत्नी की सरकार में डॉक्टरों का होता था अपहरण
पटना। बिहार विधानसभा के दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। जगह-जगह सभी पार्टी के स्टार प्रचारक जनसभा करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने भी तारापुर विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान एक तरफ जहां उन्होंने लालू-राबड़ी पर निशाना साधा तो वहीं दूसरी तरफ उनकी सरकार की तरफ से किये गए विकास कार्यों को लेकर भी जनता से बात की। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी की सरकार में व्यवसायियों की क्या हालत थी हम सभी जानते हैं। हमारी सरकार में वैश्य समाज के लोग आराम से व्यवसाय कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के राज में डॉक्टरों तक का अपहरण हो जाता था। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज लड़कियां लड़कों को टक्कर दे रही हैं। पंचायत चुनावों में आज बड़ी संख्या में महिलाएं जीत कर आ रही हैं। पहले कुछ महिलाएं ही चुनाव जीत पाती थीं। उन्होंने कहा कि यह पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 फीसद आरक्षण देने का यह नतीजा है। पहले लड़कियां और महिलाएं घर से बाहर तक नहीं निकलती थीं। जनता को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोग काम करने वाले हैं और काम ही करेंगे।
उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार का लक्ष्य खेतों तक सिंचाई उपलब्ध कराना है। उनकी सरकार इसको सफल बनाने में जुटी है। बता दें कि बिहार के अनेक हिस्सों में किसान सिंचाई के लिए प्राकृतिक साधनों पर ही निर्भर है। ऐसे में प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि किसान को हर समय में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराया जाए।
इसके अलावा सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भयमुक्त हैं। उन्होंने कहा कि भागलपुर में क्या हुआ था। यह अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को याद होगा। सीएम नीतीश भागलपुर हिंसा की तरफ इशारा कर रहे थे। इसके अलावा जब पत्रकारों ने लालू यादव के बयान पर सवाल किया तो सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वह मुझे गोली मार सकते हैं। वह कुछ और नहीं कर सकते। अगर वह चाहते हैं, तो वह मुझे गोली मार सकते हैं।
वहीं तारापुर विधानसभा क्षेत्र में नीतीश कुमार की सभा में हंगामा हो गया। सीएम चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी युवाओं ने पोस्टर लहराए। 'रोजगार दो, नहीं तो गद्दी छोड़ दो' जैसे नारे लगाए। युवा इसी तरह के स्लोगन लिखे कई पोस्टर लहराते रहे। इस बीच सभा में मौजूद कई मंत्री युवाओं को शांत करने की कोशिश करते रहे, लेकिन युवाओं का हंगामा जारी रहा। इस हंगामे के बीच ही नीतीश कुमार ने अपना संबोधन पूरा किया।












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