Bihar News: CM नीतीश कुमार ने ग्रामीणों को दी 715 करोड़ की योजना की सौगात, तैयार किया ये मास्टर प्लान
Bihar News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 99 आहर पईन, 85 तालाब, 22 चेकडैम और 36 लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का उद्घाटन किया। 222 आहर पईन, 113 तालाब, 22 चेकडैम और 29 लिफ्ट सिंचाई योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

Bihar News: सीएम नीतीश कुमार ने लघु जल संसाधन विभाग के 715 करोड़ लागत वाली योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, उनका काम तय वक्त पर पूरा किया जाएगा।
साल 2006-2007 में लघु जल संसाधन विभाग का बजट 262 करोड़ रुपये था। अब बजट बढ़ाकर 1020 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि लघु जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना भी विभाग की ज़िम्मेदारी है।
लघु जल संसाधन विभाग के द्वारा ही ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर काम करवाये जा रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि साल 2019 में सभी पार्टियों के विधायकों और विधान पार्षदों के साथ 8 घंटे की बैठक कर जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने का फैसला लिया गया था। जल-जीवन-हरियाली का मतलब जल और हरियाली है, तभी सभी का जीवन सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस योजना के तहत तालाब, आहर, पईन और कुआं का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। कुआं एवं चापाकल के बगल में जल संचयन को लेकर सोख्ता का भी निर्माण कराया जा रहा है। जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्रों में जल संचयन को लेकर चेकडैम का भी निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर 19 जनवरी 2020 को बिहार में अब तक की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाई गई थी। इस मानव श्रृंखला में 5 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत गया, बोधगया एवं राजगीर में गंगा जल पहुंचा दिया गया है। इन इलाकों में लोगों को गंगा का जल, पीने के शुद्ध पानी की तरह मिल रहा है। इस साल नवादा में भी गंगाजल पहुंचा दिया जायेगा। फल्गू नदी पर गयाजी रबर डैम के निर्माण से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को काफी आसानी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों के छत बारिश के पानी के संचयन का काम किया जा रहा है। निजी मकानों में भी बारीश के पानी के संचयन को लेकर लोगों को जागरुक करें।
बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद बिहार का हरित आवरण 9 फीसद ही रह गया था। वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की शुरुआत की गई। इसके तहत 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था, 22 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। 4 सालों में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 10 करोड़ 72 लाख पौधे लगाये जा चुके हैं। बिहार का हरित आवरण अब 15 फीसद हो गया है। इसे 17 प्रतिशत पर ले जाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान कोई साधारण अभियान नहीं है। 2019 अमेरिका के बिल गेट्स बिहार आये थे, बिहार से लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली में जल-जीवन-हरियाली अभियान की काफी तारीफ की थी। नीतीश कुमार ने यूनाईटेड नेशन में भी साल 2020 में इस मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि 5 हज़ार साल पहले आहर, पईन नेटवर्क का काम दक्षिण बिहार में शुरु हुआ था। उस वक्त लोग इसकी अहमियत समझते थे।
मौसम को लेकर हमलोगों को ज्यादा अलर्ट रहने की जरुरत है। कभी कम वर्षापात एवं कभी ज्यादा वर्षापात होने से किसानों को नुकसान होने पर हमलोग मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के सभी इंजीनियर्स इलाकों में घूमकर निरीक्षण कर बताएंगे कहां क्या काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ निर्माण कार्य ही नहीं बल्कि उसका मेंटनेंस का काम भी विभाग को करना है। फसल अवशेष को नहीं जलाने को लेकर भी लोगों को जागरूक करते रहें। अभी भी कुछ लोग पराली को जला रहे हैं जो कि अच्छी बात नहीं है। हम लोग सौर ऊर्जा को भी बढ़ावा दे रहे हैं। सीएम आवास में सौर्य उर्जा के ज़रिए बिजली की ज़रूरत पूरी की जा रही है।
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