Bihar Politics: राजद और कांग्रेस को उलझा कर अपनी सियासत चमका रहे CM Nitish, चर्चाओं का बाज़ार गर्म
Bihar Politics, CM Nitish News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने चुनावी दांव से सियासी फ़िज़ा बदलने के लिए जाने जाते रहे हैं। वह कब क्या और कैसी सियासी चाल चलने वाले हैं, यह उनके करीबी नेताओं को भी नहीं पता रहता है। बिहार की राजनीति को अलग मोड़ देने वाले जदयू नेता नीतीश कुमार को लेकर सियायी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
चुनावी गलियारों में यह चर्चा तेज़ हैं कि मुख्यमंत्री प्रेशर पॉल्टिक्स कर राजद और कांग्रेस को उलझा कर अपनी सियासत चमकाने में लगे हुए हैं। यही वजह है कि वह मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल को टालते हुए निकल रहे है। सोमवार को सीएम नीतीश कुमार से सवाल किया गया कि मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि अब कितने मंत्री बनेंगे, इतना कहने के बाद उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की को बढ़ा दिया था। वहीं नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल के विस्तार पर दिए बयान को लेकर बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेस प्रसाद सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है।
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ना होने वाली चीजों को भी करवा लेती है। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद ने मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल पर कहा कि अभी हम लोगों का पूरा ध्यान 2024 के लोकसभा चुनाव पर है।
चुनावी गलियारों में नीतीश कुमार के प्रेशर पॉल्टिक्स को लेकर यह भी चर्चा है कि अगर मंत्रिमंडल विस्तार होगा तो राजद कोटे से मंत्री कम कर कांग्रेस को दिया जाएगा। राजद यह होने नहीं देगी, हालांकि तेजस्वी एक सीट देने की वकालत करते रहे हैं, लेकिन किस खाते से पद दिया जाएगा। इस पर संशय बरक़रार है।
बिहार के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए ही सीएम नीतीश कुमार बार राबड़ी आवास का रुख कर रहे हैं, ताकि डैमेज कंट्रोल में लालू यादव की रणनीति कामयाब हो जाए। वहीं नीतीश कुमार को लालू प्रसाद यादव तरजीह ही नहीं दे रहे हैं, क्योंकि रविवार को जब नीतीश कुमार, लालू यादव से मिलने गए थे, राजद सुप्रीमो वहां मौजूद ही नहीं थे।
लालू प्रसाद यादव बिहार की सियासत के ऐसे नेता हैं कि वह कहीं भी दौरे पर जाएं मीडिया को इसकी खबर रहती ही है। ऐसे में यह कैसे मुमकिन है कि लालू यादव के राजगीर दौरे की नीतीश कुमार को ख़बर नहीं मिली।
वहीं ये भी चर्चा है कि हो सकता है लालू यादव ने समय दिया और नीतीश वक्त पर नहीं पहुंचे तो लालू यादव अपने दौरे पर निकल गए। नीतीश के सियासी चाल से लालू यादव हमेशा एक क़दम आगे रहे हैं, इस बार के सियासी समीकरण में नीतीश का चुनावी दांव ज़्यादा कामयाब होता नहीं दिख रहा है।












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