'आने वाला 5 साल मेरे राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगा', चिराग पासवान बोले- मेरे खून का एक-एक कतरा बिहार के लिए
Bihar Chunav 2025 (Chirag Paswan): लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार 29 जून 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के राजगीर में आयोजित बहुजन भीम संकल्प समागम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में उतरने की अपनी मंशा को स्पष्ट करते हुए विपक्ष और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। चिराग पासवान ने साफ-साफ कहा कि वो बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं, इसमें कोई शक नहीं है।
चिराग पासवान ने कहा, ''बिहार में चुनाव लड़ूंगा, यही मेरा संकल्प है। 2025 का बिहार चुनाव आने वाले पांच सालों के लिए हमारे राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगा। कुछ लोगों को मेरे बिहार लौटने से बेचैनी हो रही है। वे जानना चाहते हैं कि क्या मैं चुनाव लड़ूंगा। मैं आज साफ करना चाहता हूं-हां, मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ूंगा। क्योंकि मुझे अपने 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' के विजन को साकार करना है।''

चिराग पासवान बोले- मुझे तोड़ने की कोशिशें नाकाम रहीं
बिना किसी का नाम लिए चिराग ने कहा कि कुछ लोग उनकी राजनीतिक यात्रा को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह पीछे हटने वालों में नहीं हैं। चिराग ने कहा, "पार्टी तोड़ने की साजिशें, परिवार में फूट डालने की कोशिशें-सब विफल हो चुकी हैं। मैं नहीं टूटूंगा। मैं डटकर लड़ूंगा।"
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया, "243 सीटों पर पूरे जोश के साथ NDA की जीत के लिए मेहनत करो, जैसे हर सीट से खुद चिराग पासवान चुनाव लड़ रहे हों। अगर आप मुझे जीत दिलाओगे, तो मैं आपको विकसित बिहार दूंगा।"
चिराग बोले- मेरे खून का एक-एक कतरा बिहार के लिए है
चिराग पासवान ने कहा,
''मेरे खून का एक-एक कतरा सिर्फ आप सभी के लिए है। जिसका संकल्प आदर्शवादी नेता के सपनों को पूरा करना हो, जिसकी सोच बाबा साहब अंबेडकर के विचारों से जुड़ी हो, उसे कोई ताकत रोक नहीं सकती। आज मेरी लड़ाई जात-पात और मजहब से ऊपर उठकर, समता, सम्मान और विकास की है। बाबा साहब का नाम लेने वाले बहुत हैं, पर उनके विचारों को जमीन पर उतारने का काम मेरे आदरणीय पिता रामविलास पासवान जी ने किया, और अब उसी रास्ते पर मैं चल रहा हूं।''
INDIA गठबंधन को दी चेतावनी, कांग्रेस पर इमरजेंसी का हमला
चिराग पासवान ने विपक्षी गठबंधन INDIA पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे फिर से वही गंदी राजनीति दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। चिराग बोले,
"देश में संविधान पर सबसे बड़ा हमला कांग्रेस के शासन में आपातकाल के दौरान हुआ था। दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ों को जबरन नसबंदी का शिकार बनाया गया। ये सच्चाई मत भूलिए। जिस इंदिरा गांधी के दौर में संविधान की हत्या कर आपातकाल थोपा गया, आज उसी कांग्रेस की गोद में बैठकर INDIA गठबंधन लोकतंत्र की दुहाई दे रहा है! सवाल पूछिए RJD के नेताओं से, जो कभी आपातकाल के खिलाफ जेल गए थे, आज उसी कांग्रेस के समर्थन में थकते नहीं। सवाल पूछिए उन नेताओं से, जो खुद आपातकाल के भुक्तभोगी रहे, क्या आज सत्ता की लालच में सब भूल गए? उन्होंने कांग्रेस पर वक्फ एक्ट का विरोध करने का भी आरोप लगाया, जिसे गरीब मुस्लिमों के हित में लाया गया था।''
तेजस्वी यादव पर सीधा हमला, आरक्षण के बचाव में उतरे
चिराग पासवान ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल सत्ता के लिए कांग्रेस से हाथ मिला रहे हैं। चिराग पासवान बोले, "तेजस्वी को राहुल गांधी से यह सवाल पूछना चाहिए-आपातकाल के दौरान उनके पिता लालू प्रसाद यादव के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ, उसके लिए माफी क्यों नहीं मांगते?''
उन्होंने आरक्षण पर विपक्ष के दावों को झूठा बताते हुए कहा, "जब तक चिराग पासवान जिंदा है, कोई आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।"
चिराग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "मुझे हंसी आती है जब राहुल गांधी संविधान की किताब दिखाते हैं। जिनकी पार्टी ने आपातकाल लगाकर संविधान की आत्मा को कुचला, आज वही संविधान की दुहाई दे रहे हैं। पहले माफी मांगिए।"
चिराग पासवान की दूसरी बड़ी रैली, जनसमर्थन देख हुए उत्साहित
यह चिराग पासवान की बिहार में दूसरी बड़ी रैली थी, इससे पहले उन्होंने 8 जून को आरा में जनसभा की थी। राजगीर की भीड़ देखकर उन्होंने कहा, ''जिस तरह का समर्थन और उत्साह आप सभी ने दिखाया है, उससे यह तय है कि हम 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' के लक्ष्य को हासिल करने वाले हैं। जब तक बिहार को विकसित राज्य नहीं बना दूं, तब तक न चैन लूंगा, न थकूंगा। यह सिर्फ वादा नहीं, मेरा संकल्प है।''
दिलचस्प बात यह रही कि चिराग ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या उनकी सरकार पर कोई सीधा हमला नहीं किया। चिराग पासवान ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह न केवल आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं, बल्कि अपनी पार्टी और NDA को मजबूत करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं। उनका नारा 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' अब एक स्पष्ट चुनावी एजेंडा बन चुका है।












Click it and Unblock the Notifications