‘हर पार्टी चाहती है कि मैं उनके साथ रहूं’, I.N.D.I.A के साथ जाएंगे चिराग पासवान या रहेंगे NDA का हिस्सा ?
लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा 'आज नहीं तो कल' होने ही वाली है। ऐसे में दोनों बड़े दल अपने गठबंधनों के विस्तार में तेजी दिखा रहे हैं। बिहार में चिराग पासवान ऐसे नेता हैं जिनपर एनडीए और इंडी अलायंस दोनों की नजर टिकी हुई हैं।
भले ही अभी तक चिराग पासवान भाजपा के साथ नजर आते रहे हों मगर राजद भी दिवंगत नेता रामविलास पासवान पर डोरे डाल रही है। अपने कैडर वोट का अंदाजा चिराग पासवान को भी है। यही वजह है कि उन्होंने इशारों-इशारों में इसका संकेत भी दे दिया है कि वे अभी भी अपने ऑप्शन पर विचार कर रहे हैं।

10 मार्च यानी कि रविवार को मुजफ्फरपुर के साहेबगंज विधानसभा में एक रैली को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि हर पार्टी, हर गठबंधन चाहता है कि चिराग पासवान उसके पक्ष में हों। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि लोग उनके ''बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट'' वाली नीति से प्रभावित हैं, जो कि राज्य को दशकों के पिछड़ेपन से बाहर निकालना चाहते हैं।
चिराग ने कहा, 'मैं यहां मैं यहां मीडियाकर्मियों की भीड़ देख रहा हूं, जो यह जानने के लिए उत्सुक है कि चिराग पासवान किसके साथ हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि चिराग पासवान केवल बिहार के लोगों के साथ जुड़े हुए हैं।' चिराग पासवान ने अपने भाषण में खुद को 'शेर का बेटा' कहते हुए अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान के सच्चे उत्तराधिकारी के रूप में पेश करने का प्रयास किया।
इस रैली में चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार और चाचा पशुपति कुमार पारस का नाम लेने से परहेज किया। हालांकि चिराग ने उन "साजिशों" के बारे में खुलकर बात की, जिनका उन्हें सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिनका उद्देश्य मेरे घर, मेरे परिवार और मेरी पार्टी को तोड़ना था, लेकिन मैंने साबित कर दिया है कि चिराग पासवान को डराया नहीं जा सकता।
पांच साल पहले 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में LJP ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन सभी पर जीत हासिल की थी। हालांकि इस बार LJP दो भागों में विभाजित हो गई है। एक हिस्से का नेतृत्व चिराग कर रहे हैं तो दूसरे हिस्से की जिम्मेदारी उनके चाचा पशुपति पारस ने संभाली हुई है। दिलचस्प बात ये है कि दोनों ही रामविलास पासवान के असली उत्तराधिकारी होने का दावा करते हैं।
रैली के बाद हवाई मार्ग से दिल्ली रवाना होने के लिए पटना पहुंचे चिराग ने पत्रकारों के सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, "जहां तक चुनाव पूर्व और सीट-बंटवारे का सवाल है, इसे अंतिम रूप दिया जा चुका है और हम कुछ दिनों में विवरण साझा करेंगे।"
चिराग पासवान ने कहा है कि उनकी अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) हाजीपुर से चुनाव लड़ेगी जहां से उनके पिता पासवान ने कई बार चुनाव जीता था। आपको बता दें कि फिलहाल इस सीट का प्रतिनिधित्व उनके चाचा और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLP) के प्रमुख पारस करते हैं।
हाजीपुर सीट चाहते हैं चिराग
ईधर पारस ने साफ कर दिया है कि वह हाजीपुर सीट से फिर से चुनाव लड़ेंगे। आरएलजेपी के प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा, 'हाजीपुर या हमारी पार्टी की अन्य चार सीटों में से किसी को भी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। हमें यकीन है कि BJP हमारे दावे का सम्मान करेगी, क्योंकि हम राजग के स्वाभाविक सहयोगी हैं।" उन्होंने कहा, "उन्हें (चिराग को) दूसरी तरफ से प्रस्ताव मिल रहा है, लेकिन कोई भी इस तरह के प्रलोभन के साथ हमारे पास आने की हिम्मत नहीं कर रहा है।''
इंडी गठबंधन ने क्या दिया प्रस्ताव?
हालांकि 'महागठबंधन' के किसी भी नेता ने सार्वजनिक तौर पर यह नहीं कहा है कि चिराग को क्या 'प्रस्ताव' दिया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि चिराग को छह से अधिक सीटें दी जा सकती हैं।












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