Bihar Election 2025: बिहार चुनाव लड़ेंगे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान! जानें किस सीट से उतर सकते हैं मैदान में
Bihar Election 2025 (Chirag Paswan): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अब केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की एंट्री तय मानी जा रही है। सुबह-सुबह चिराग पासवान ने बिहार के सियासी तापमान को आसमान पर चढ़ा दिया है। पार्टी के बिहार प्रदेश प्रभारी और जमुई से सांसद अरुण भारती ने अपने सोशल मीडिया फेसबुक पोस्ट पर 01 जून की सुबह कहा है कि चिराग पासवान बिहार चुनाव लड़ सकते हैं।
अरुण भारती ने लिखा, ''जब मैं प्रदेश प्रभारी के रूप में गांव-गांव गया, हर जगह लोगों की एक ही मांग थी -कि चिराग को अब बिहार में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। हाल ही में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में भी सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में खुद चुनाव लड़ें।'' हालांकि अभी तक चिराग की ओर से कोई बयान नहीं आया है।


चिराग पासवान आरक्षित सीट से नहीं, जनरल सीट से चुनाव लड़ सकते हैं!
चिराग पासवान किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं? इसको लेकर अरुण भारती ने अपने पोस्ट में लिखा,
''जब नेता पूरे बिहार का है, तो सीट का दायरा क्यों सीमित हो? कार्यकर्ताओं की यह भी भावना है कि इस बार चिराग पासवान जी बिहार विधानसभा के चुनाव में किसी आरक्षित सीट (रिजर्व सीट) से नहीं, बल्कि एक सामान्य सीट (जनरल सीट) से चुनाव लड़ें-चिराग पासवान अब सिर्फ एक समुदाय की नहीं, पूरे बिहार की उम्मीद हैं।''
पहले तो कहा जा रहा था कि चिराग पासवान जमुई के सिकंदरा सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ेंगे। अब जब जनरल सीट की बात है तो, दानापुर सीट की भी चर्चा हो रही है। पार्टी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त वनइंडिया के संवाददाता इंज़माम वहिदी को बताया कि चिराग पासवान पटना, दानापुर, हाजीपुर विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं।
पार्टी ने इंटरनल सर्वे के बाद इन तीनों सीटों का नाम लगभग तय कर लिया है हालांकि इन सीटों पर अन्य पार्टी के उम्मीदवार कौन होंगे...? उसके बाद नाम पर फाइनल फैसला किया जाएगा। हालांकि फिलहाल कई जनरल सीटों पर चर्चा हो रही है,...लेकिन चिराग अपने लिए वही विधानसभा सीट चुनेंगे, जहां से संदेश पूरे बिहार को साफ-साफ जाए।
चिराग पासवान का विजन- बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट
अरुण भारती ने लिखा,
''हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान हमेशा कहते हैं कि उनकी राजनीति बिहार केंद्रित है और उनका विजन "बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट" एक विकसित और आत्मनिर्भर बिहार का संकल्प है। यह तभी संभव है जब वे खुद बिहार में रहकर नेतृत्व करें। जब मैं प्रदेश प्रभारी के रूप में गांव-गांव गया, हर जगह लोगों की एक ही मांग थी -कि चिराग जी को अब बिहार में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। हाल ही में पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में भी सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में खुद चुनाव लड़ें। साथ ही साथ, कार्यकर्ताओं की यह भी भावना है कि इस बार वे किसी आरक्षित सीट से नहीं, बल्कि एक सामान्य सीट से चुनाव लड़ें -ताकि यह संदेश जाए कि वे अब सिर्फ एक वर्ग नहीं, पूरे बिहार का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। चिराग पासवान आज सिर्फ प्रतिनिधि नहीं, पूरे बिहार की उम्मीद हैं। उनका यह कदम सामाजिक न्याय की राजनीति को एक नई दिशा देगा -जिसमें प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सर्वमान्यता की भी लड़ाई लड़ी जाएगी।''
बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं चिराग पासवान!
चिराग पासवान पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि वे बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं और विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम फैसला पार्टी पर निर्भर होगा। एनडीए की सहयोगी पार्टियों - भाजपा, जदयू और हम - ने चिराग की योजना पर सहमति जताई है। वहीं आरजेडी ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि यह कदम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए खतरे की घंटी हो सकता है, क्योंकि 2020 के चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी ने जदयू को खासा नुकसान पहुंचाया था।












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