Chhath Puja 2022: बड़गांव श्रीधाम के मेले को दिया गया है राजकीय मेला का दर्जा, जानिए वजह

Chhath Puja 2022: बड़गांव श्रीधाम आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि कई वर्षों से यहां आकर छठ व्रत कर रहे हैं। उनका मानना है कि यहां आकर छठ व्रत करने की वजह से ही उनकी मनोकामना पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी...

Chhath Puja : पूरे देश में छठ की धूम है, खासकर उत्तर भारत के लोग महापर्व के तौर पर छठ को धूम-धाम से मनाते हैं। बिहार के विभिन्न जिलों से छठ कि कई दिलचस्प खबरे देखने को मिल रही हैं। इसी कड़ी में हम आपको बिहार के नांलदा जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों में से एक बड़गांव सूर्य धाम के बारे में बताने जा रहे हैं। यहां छठ के मौके पर देश के विभन्न राज्यों से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां पहुंचकर व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

बड़गांव सूर्यधाम में काफी तादाद में पहुंचे श्रद्धालु

बड़गांव सूर्यधाम में काफी तादाद में पहुंचे श्रद्धालु

बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों में से एक बड़गांव सूर्यधाम भी है। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा के मौके पर बड़गांव में काफी संख्या में श्रद्धालुओं का अगमन हुआ है। तंबू गाड़ कर 4 दिनों तक सभी श्रद्धालु प्रवास रहेंगे , इसके साथ वह लोग अभी से ही भगवान सूर्य की उपासना में जुट गए है। इस बार प्रशासन की तरफ से भी व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त की गई है। यही वजह है कि इस बार काफी तादाद में श्रद्धालुओं ने यहां दस्तक दी है।

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    बड़गांव मेले को राजकीय मेला मिला है दर्जा
    महिलाओं ने बनाया पारंपरिक प्रसाद

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    छठ व्रती महिलाएं यहा पहुंचकर काफी खुश दिखाई दे रही हैं, उन्होंने यहां की चली आ रही परंपरा के अनुसार आज दाल कद्दू और अरवा चावल का प्रसाद बनाया। प्रसाद बनाने के बाद उन्होंने सबसे पहले भगवान भास्कर को प्रसाद का भोग लगया। उसके बाद सभी छठ व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण किया। व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण करने के बाद अपने परिजनों को भी प्रसाद खिलाया। व्रती महिलाओं ने बताया कि कल लोहंडा का प्रसाद बनाया जाएगा। इसके साथ ही देर शाम भगवान भास्कर की पूजा करने के बाद से व्रती महिला निर्जला उपवास रखेगी।व्रती महिलाओं ने बताया कि निर्जला उपवास रखने के बाद पारण के दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद वह अपना व्रत ख़त्म करेंगी।

    ‘छठ व्रत करने से पूरी होती है मनोकमानाएं’

    ‘छठ व्रत करने से पूरी होती है मनोकमानाएं’

    बड़गांव श्रीधाम आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि कई वर्षों से यहां आकर छठ व्रत कर रहे हैं। उनका मानना है कि यहां आकर छठ व्रत करने की वजह से ही उनकी मनोकामना पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी मनोकामना पूरी होती रहे इसलिए इस बार भी 4 दिनों तक प्रवास कर छठ व्रत धारण करने के लिए बड़गांव श्रीधाम पहुंची हैं।

    प्रदेश सरकार ने दिया है राजकीय मेले का दर्जा

    प्रदेश सरकार ने दिया है राजकीय मेले का दर्जा

    बड़गांव श्रीधाम के पुजारी का कहना है कि छठ के मौके पर बड़गांव श्रीधाम में देश के विभिन्न कोने से श्रद्धालुओं का आगमन तो होता ही है। इसके साथ ही यहां विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं। भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राज सरकार ने बड़गांव में छठ पूजा के दौरान लगने वाले मेला को राजकीय मेला का दर्जा दिया है। इस साल भी यहां धूम-धाम से छठ पूजा मनाई जा रही है।

    ये भी पढ़ें: Chhath Puja 2022 samagri: क्या है छठ पूजा की सामग्री? कौन हैं 'छठ मईया'? क्यों मनाते हैं ये पर्व?

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