बिहारः घाटों पर दिखी छठ व्रत की छटा, डिप्टी सीएम रेणु देवी ने घर में ही दिया डूबते सूर्य को अर्घ्य
पटना। बुधवार को बिहार में आस्था के महापर्व छठ की अद्भूत छटा दिखाई दी। घाटों पर उमड़े सैलाब के बीच व्रत रखीं महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं अधिक संख्या में लोगों ने अपने घरों पर ही पर्व मनाया। पटना में सीएम नीतीश कुमार ने अपने घर पर ही छठ मनाया। इसके अलावा डिप्टी सीएम रेणु देवी बेतिया आवास पर डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देते हुए नजर आईं। पटना से लेकर बक्सर तक हर तरफ छठ का उल्लास दिखाई दिया। लोग अपने-अपने घरों से दोपहर से पहले ही घाटों की ओर जाते दिखाई दिये। बक्सर के गंगा तट पर अर्घ्य दान देने वालों की भीड़ दिखाई दी। गया के फल्गु घाट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देने की होड़ मची रही।

बता दें कि दोपहर से पहले ही लोगों का हुजूम घाटों पर जाता हुआ नजर आने लगा था। दूसरा अर्घ्य कल यानी 11 नवंबर को उषाकाल में उगते सूरज को दिया जाएगा। वहीं सीएम नीतीश कुमार भी गंगा घाट पर पहुंचे। उनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित तमाम मंत्री और अन्य लोग भी मौजूद थे। सीएम नीतीश ने खुद ही घाटों की व्यवस्था का खुद जायजा लिया। नाव पर सवार होकर छठ व्रतियों के लिए हुई तैयारियों का निरीक्षण किया।
बिहार सहित देश विदेश के कोने-कोने में धूमधाम से छठ मनाया जा रहा है। चार दिन तक चलने वाले इस त्योहार का आज तीसरा दिन है। बिहार के अलग अलग जिलों में 4.56 से 5.05 तक सूर्यास्त होगा। सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर लिखा कि नहाय-खाय से शुरू हुए चार दिवसीय सूर्योपासना के महापर्व छठ पूजा के मद्देनजर गंगा तटों पर बनाए गए छठ घाटों का निरीक्षण किया।
गुरुवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ व्रत का पारण किया जाएगा। इसके साथ ही चार दिवसीय छठ व्रत पूरा हो जाएगा। छठव्रतियों ने मंगलवार को दिन भर निर्जला रहकर संध्या समय खरना का प्रसाद बनाने की तैयारी शुरू कर दी। व्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से साठी चावल,गुड़ और गाय के दूध से खीर बनायी । उसके बाद रोटी बनाकर केले के पत्ते पर केला, आदी, मूली तथा अन्य फलों के साथ नैवेद्य अर्थात् नेवज लगाकर पूजा की।












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