Chandan Mishra Murder: पटना में चंदन मिश्रा की हत्या करने वाला मुख्य शूटर गिरफ्तार, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर
Chandan Mishra Murder: गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। अस्पताल में 5 हथियारबंद लोगों ने घुसकर गैंगस्टर चंदन मिश्रा पर गोली चलाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने वाले पांच शूटर्स में से मुख्य शूटर को गुरुवार की शाम पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है।
अस्पताल में घुसकर बंदूक निकालते हुए बदमाशों का एक कमरे में घुसते हुए सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जिसे देखकर पटना पुलिस ने पांचों आरोपियों की पहचान कर ली है। पुलिस ने मुख्य शूटर तौसीफ रजा उर्फ बादशाह को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी बचे चार शूटरों की तलाश करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे शूटआउट को तौसीफ बादशाह ही लीड कर रहा था और अन्य शूटर उसके निर्देशों का पालन कर रहे थे।

चंदन मिश्रा हत्याकांड के कौन है ये 5 शूटर?
बता दें व्यवसायी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मिश्रा ने गोली लगने से दम तोड़ दिया। फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पारस हॉस्पिटल में चंदन मिश्रा को गोली मारने वाले पांच शूटरों में से तौसीफ रजा फुलवारी शरीफ का रहने वाला है। अन्य शूटरों की पहचान आकिब मलिक, सोनू, कालू उर्फ मुस्तकीम और भिंडी उर्फ बलवंत सिंह के रूप में हुई है। इनमें से आकिब मलिक भी फुलवारी शरीफ का निवासी है, जबकि बलवंत बक्सर का रहने वाला है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा खौफनाक मंजर
सीसीटीवी वीडियो में दिख रहा है कि गुरुवार की सुबह कम से कम 5 लोग आराम से एक कॉरिडोर से गुजर रहे हैं। फिर वे अपनी शर्ट के नीचे से पिस्तौल निकालते हैं और रूम नंबर 209 में प्रवेश करते हैं, जहां चंदन मिश्रा उर्फ चंदन सिंह को मेडिकल पैरोल पर भर्ती कराया गया था।
फुटेज में दिखाई दे रहा है कि बंदूकें निकालते ही वे अंदर जाते हैं और कुछ ही सेकंड में बाहर निकल आते हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि अंदर किसने कितनी गोलियां चलाईं। उनमें से एक को अपनी पिस्तौल से जूझते हुए भी देखा जा सकता है क्योंकि वह उसकी शर्ट में उलझ जाती है। फिर, उनमें से चार शूट के बाद कॉरिडोर से भागते हुए दिखाई देते हैं, जबकि पांचवां शूटर जो सबसे पहले अंदर गया था और सबसे आखिर में बाहर शांति से बाहर निकलता है। गोलियों की आवाज सुनने के बाद बगल के कमरे से झाँक रहे एक व्यक्ति को घूरता हुआ निकल जाता है।
गैंगस्टर चंदन मिश्रा अस्प्ताल कैसे पहुंचा?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चंदन मिश्रा अपने पिता के इलाज के नाम पर जेल से पैरोल पर बाहर आया था। उसकी पैरोल की अवधि शुक्रवार सुबह छह बजे समाप्त होने वाली थी, जिसके बाद उसे वापस जेल जाना था। पैरोल खत्म होने से पहले ही वह खुद के इलाज के लिए पारस हॉस्पिटल में भर्ती हो गया था।
क्यों चंदन मिश्रा को सुनाई गई थी अजीवन कारावास की सजा?
चंदन मिश्रा को 2014 में कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने बिहार की जेलों में कई साल बिताए। पुलिस के अनुसार, वह अंतरराज्यीय स्वर्ण लुटेरा संतोष सिंह से जुड़ा था। बक्सर के मूल निवासी, उस पर हत्या, बैंक डकैती और डकैती सहित 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वह 2011 में व्यापारी राजेंद्र केशरी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन 12 फरवरी, 2020 को पटना उच्च न्यायालय ने सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था।












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