MLA Anand Mishra Raid: बक्सर में विधायक का 'सिंघम' अवतार! रंगे हाथ पकड़ा दवाइयों का काला खेल, देखें Video
Buxar MLA Anand Mishra Buxar Raid: बिहार के बक्सर के सदर विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा का 'सिंघम' अवतार एक बार फिर चर्चा में है। शनिवार की आधी रात को जब अस्पताल प्रशासन गहरी नींद में था, तब विधायक ने सदर अस्पताल में औचक निरीक्षण कर दवाइयों की चोरी के बड़े खेल का पर्दाफाश किया।
मरीजों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विधायक सीधे दवा भंडार (स्टोर) पहुंचे, जहां उन्होंने एक व्यक्ति को सरकारी दवाइयों की तस्करी करते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। असम कैडर के पूर्व जांबाज पुलिस अधिकारी रहे आनंद मिश्रा ने न केवल अस्पताल कर्मियों की क्लास लगाई, बल्कि व्यवस्था सुधारने के लिए कड़े निर्देश भी दिए।

Buxar Sadar Hospital Raid: आधी रात को विधायक का औचक निरीक्षण
मरीजों द्वारा अस्पताल के बाहर से महंगी दवाइयां खरीदने की शिकायतों ने विधायक आनंद मिश्रा को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। बिना किसी पूर्व सूचना के जब पूर्व आईपीएस अधिकारी अस्पताल पहुंचे, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उन्होंने वार्डों का भ्रमण किया और पाया कि सरकार द्वारा मुफ्त दी जाने वाली सैकड़ों दवाइयां मरीजों तक नहीं पहुंच रही हैं। विधायक ने मौके पर ही स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को देखा और लापरवाह कर्मियों की जमकर जवाबदेही तय की।
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दवा भंडार में रंगे हाथ पकड़ी गई चोरी
निरीक्षण के दौरान विधायक सीधे अस्पताल के मुख्य दवा भंडार (Store) में जा घुसे। वहां उन्होंने एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में दवाइयों की हेराफेरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आनंद मिश्रा अपने पुराने 'पुलिसिया तेवर' में नजर आ रहे हैं। उन्होंने चोरी में संलिप्त व्यक्ति को फटकार लगाते हुए स्पष्ट रूप से जेल भेजने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
दलाल और कर्मियों की मिलीभगत का पर्दाफाश
विधायक आनंद मिश्रा ने खुलासा किया कि सरकार मरीजों के लिए करोड़ों की दवाएं मुफ्त भेजती है, लेकिन अस्पताल के कुछ भ्रष्ट कर्मियों और बाहरी दलालों की मिलीभगत से इन दवाओं की कालाबाजारी की जा रही है। गरीब मरीजों को मजबूरन बाहर की निजी दुकानों से दवा खरीदनी पड़ती है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी कि गरीबों के हक की दवाइयों पर डाका डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस पूरे सिंडिकेट को खत्म किया जाएगा।
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पूर्व IPS की कार्यशैली की जनता में सराहना
असम कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे आनंद मिश्रा ने अपनी मर्जी से सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर राजनीति में कदम रखा है। विधायक बनने के बाद भी उनकी कार्यशैली एक अनुशासित पुलिस अधिकारी जैसी ही है। आधी रात को अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए उनके इस साहसी कदम की बक्सर की जनता जमकर सराहना कर रही है। लोगों का मानना है कि ऐसे 'ऑन-द-स्पॉट' एक्शन से ही सरकारी संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही पर लगाम लगाई जा सकती है।












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