Agnipath Protest: अग्निपथ के विरोध में अब छात्रों के साथ आएगी BKU, केंद्र सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
केंद्र सरकार के अग्निपथ योजना का विरोध बिहार से शुरू हुआ और अब पूरे देश में इसका असर देखने को मिल रहा है।
पटना, 17 जून 2022। केंद्र सरकार के अग्निपथ योजना का विरोध बिहार से शुरू हुआ और अब पूरे देश में इसका असर देखने को मिल रहा है। बिहार समेत देश के कई राज्यों से उपट्रवियों द्वारा ट्रेनों में आगजनी और जगहृ-जगह नेताओं पर हमले और पथराव की ख़बर भी देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में भारती कियान यूनियन केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के बाद भड़के युवाओं से शांति पूर्वक आंदोलन करने की अपील की।

'30 जून को BKU देश भर में करेगी प्रदर्शन'
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की अदूरदर्शी नीति की वजह से ही किसानों के बाद अब युवा सड़क पर है। सरकार इस युवा विरोधी नीति को वापस नहीं लेती तो 30 जून को देशभर के राज्यों में जिला मुख्यालय पर भाकियू शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेगी, फिर भी सरकार नहीं मानी तो संसद सत्र से पहले भाकियू कठोर निर्णय लेने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। आपको बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत ने यह बयान भारतीय किसान यूनियन के तीन दिवसीय हरिद्वार किसान महाकुंभ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान दिया। आज किसान महाकुंभ के दूसरे दिन शुक्रवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सांगठनिक फेरबदल किए गए। इसमें मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी राजपाल शर्मा को दी गई।

सरकारें किसानों की अग्नि परीक्षा लेना छोड़ दे- नरेश टिकैत
महापंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सरकारें किसानों की अग्नि परीक्षा लेना छोड़ दें, घाटे में जाती खेती से किसान पहले से ही दुखी है। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन सरकारों से टकराव नहीं चाहती। उन्होंने सभी किसान संगठनों से एकजुट होकर किसान हितों की लड़ाई में साथ देने का आह्वान किया। टिकैत ने कहा कि पहले किसान 13 माह तक दिल्ली की सीमा पर हकों के लिए संघर्ष करता रहा और नौजवान देशभर में रोजगार के लिए सड़कों पर है। सरकार को समय रहते इन युवाओं की आवाज सुननी चाहिए। इस मौके पर उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।

'अपने हकों के लिए लड़ाई लड़ना भी जानता है किसान'
पंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान खेत में ट्रैक्टर भी चलाना जानता है और अपने हकों के लिए सड़क पर लड़ाई लड़ना भी जानता है। तीन कृषि कानूनों की वापसी के बाद सरकार ने एमएसपी गारंटी कानून पर कोई पहल नहीं की है। ना ही पूरे तरीके से किसानों पर लगे मुकदमें वापस हुए हैं, इससे किसानों में आक्रोश है। सरकार इन बातों पर ध्यान नहीं देगी तो किसानों को एक बार फिर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

काली पट्टी बांधकर शांति मार्च करने का ऐलान
पंचायत में राकेश टिकैत ने देशभर के प्रदर्शनकारी नौजवानों के पक्ष में शनिवार सुबह 8 बजे हरिद्वार के लालकोठी से वीआईपी घाट तक काली पट्टी बांधकर शांति मार्च करने का ऐलान किया। राजपाल शर्मा को उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया। राजवीर सिंह जादौन के त्याग पत्र देने के बाद यह पद खाली हुआ था। जादौन को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इसके अलावा ओमपाल मलिक को राष्ट्रीय सचिव, सुंदर सिंह को यूपी का प्रदेश उपाध्यक्ष, विमल तोमर को अलीगढ़ का मंडल अध्यक्ष, लक्ष्मी नारायण शर्मा को यूपी का प्रदेश संगठन मंत्री व डॉ. मदन पाल सिंह को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। वहीं हरियाणा के रतन छोकर व राजस्थान के राजपाल सिंह पुनिया को भी राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।
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