Lok Sabha Chunav: बिहार में भाजपा से बेटिकट हुए उम्मीदवार दे सकते हैं पार्टी को झटका, अटकलों का बाज़ार गर्म
Bihar BJP Candidate List: लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र एनडीए ने बिहार की सभी 40 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा के टिकट बंटवारे से सियासी जानकार भी चौंक गए हैं। पार्टी ने दिग्गजों को बेटिकट कर दिया है, यहां तक के जो दो बार सांसद रह चुके हैं, उनका भी टिकट काट दिया गया।
मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री अश्विनी चौबे पर पार्टी ने तीसरी बार भरोसा नहीं जताया है। बक्सर लोकसभा सीट से भाजपा ने युवा चेहरे मिथिलेश तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। अश्विनी कुमार चौबे बक्सर लोकसभा सीट से इस बार भी चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।

अश्विनी कुमार चौबे पार्टी के द्वारा लिए गए फैसले से तो नाराज़ हैं, लेकिन उनकी नाराज़गी खुल कर सामने नहीं आई है। उनके नंबर पर कॉल करने पर स्विच ऑफ़ बता रहा है। सूत्रों की मानें तो अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को भाजपा के बड़े नेता ने टिकट के ऐलान से पहले ऑफर दिया था।
अश्विनी चौबे ने खुद की दावेदारी ठोक रहे थे। इस वजह से ही उनका टिकट कटा है, क्योंकि पार्टी युवा चेहरे पर चुनावी दांव खेलना चाह रही थी। शिवहर सांसद रमा देवी भी टिकट कटने से नाराज़ चल रही है।
सूत्रों की मानें तो रमा देवी का तर्क है कि जब 75 की उम्र होने पर पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो, राधा मोहन सिंह की उम्र भी 75 पार हो चुकी है, उन्हें टिकट क्यों मिला। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि रमा देवी राजद से ही भाजपा में गई थी।
अति पिछड़ा समुदाय से ताल्लुक रखने वाली रमा देवी को लालू प्रसाद यादव अपने पाले में ला सकते हैं। यही वजह है कि शिवहर सीट से अभी तक राजद ने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। सासाराम से सांसद छेदी पासवान भी टिकट नहीं मिलने से नाराज़ हैं।
70 की उम्र पार हो जाने की वजह से पार्टी ने तीसरी बार छेटी पासवान पर भरोसा नहीं जताया है। ग़ौरतलब है कि छेदी पासवान पहले जदयू में थे, बाद में भाजपा में शामिल हुए थे। वह चुनावी दांव खेलना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने सासाराम लोकसभा सीट से शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया है।
मुजफ्फरपुर सांसद अजय निषाद दो बार से सांसद रहे हैं, कैप्टन जय नारायण निषाद के बेटे होने का भी उन्हें फायदा मिला। इस बार भाजपा ने मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से राजभूषण निषाद को टिकट दिया है। भाजपा से बेटिकट हुए नेताओं ने अपना मोबाइल बंद कर रखा है, इसलिए सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि सभी नेता पाला बदल कर इंडिया गठबंधन से चुनावी ताल ठोक सकते हैं।












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