Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में BJP और चिराग के लिए चुनौती बनेंगे ‘चाचा’, NDA से मोहभंग
Bihar Politics: बिहार में चुनाव के मद्देनज़र सियासी पारा चढ़ चुका है। पक्ष-विपक्ष के बीच ज़ुबानी जंग जारी है। इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान के चाचा पशुपति कुमार पारस ने नीतीश कुमार सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
यह आलोचना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से उनके मोहभंग के बाद आई है। पशुपति पारस ( राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख) ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार पिछले दो दशकों से अप्रभावी शासन से पीड़ित है, इस दौरान एक भी कारखाना नहीं लगा। बिहार राज्य में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है।

पशुपति पारास ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार के गृह जिल में एक महिला के साथ मारपीट की गई, उनके पैर में कील ठोकी गई, इस पर किसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह बिगड़े कानून व्यवस्था का संकेत है। इस घटना के संबंध में किसी भी मंत्री या अधिकारी ने कार्रवाई नही की, यह प्रशासन की विफलता का संकेत है।
बिहार में गृह मंत्री अमित शाह जैसे लोगों द्वारा किए जा रहे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक प्रचार की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सर्वोच्च शक्ति जनता के पास है, "आप (अमित शाह) कितना डेरा डाल सकते हैं? जनता ही मालिक है, जनता ही सर्वोच्च है।
कहावत है कि कुर्सी पर बैठा व्यक्ति चौकीदार होता है और जमीन पर बैठा व्यक्ति जमींदार होता है। उनके एक वोट से देश में लोकतंत्र व्यवस्था और मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं।" पारस की टिप्पणियों ने बिहार में लोकतंत्र और शासन की स्थिति पर बहस छेड़ दी है, जिसमें मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही और प्रभावशीलता पर सवाल उठाए गए हैं।
नीतीश कुमार सरकार और एनडीए गठबंधन की उनकी तीखी आलोचना आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा और चिराग पासवान के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती को दर्शाती है, जो राज्य के मतदाताओं के बीच राजनीतिक निष्ठाओं और प्राथमिकताओं में संभावित बदलाव का संकेत देती है।
निष्कर्ष के तौर पर, बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है क्योंकि पशुपति कुमार पारस जैसे प्रभावशाली व्यक्ति वर्तमान प्रशासन की विफलताओं की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं। ये घटनाक्रम जनता और राजनीतिक संस्थाओं के बीच बदलाव के लिए व्यापक आह्वान का संकेत देते हैं, जिससे एक बेहद प्रतिस्पर्धी चुनावी लड़ाई का मंच तैयार हो रहा है।












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