Bihar Chunav Phase 2 Vote Percentage: दूसरे चरण की वोटिंग खत्म, 14 को आएंगे नतीजे, शाम 6 बजे तक इतनी वोटिंग
Bihar Chunav Phase 2 Vote Percentage: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अपने आखिरी चरण में हैं। 11 नवंबर को दूसरे और आखिरी चरण के मतदान में 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई है जिसमें बिहार की जनता ने रिकॉर्ड स्तर पर वोटिंग किया है।
सबसे ज्यादा वोटिंग मुस्लिम बहुल किशनगंज जिले में हुई है, जहां अब तक 66.10% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। वहीं नवादा जिला मतदान प्रतिशत में सबसे पीछे है, जहां केवल 53.17% वोटिंग दर्ज की गई है।

दूसरे चरण में बंपर वोटिंग
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शाम 5 बजे तक 67.47% मतदान दर्ज किया गया है - जो पहले चरण की तुलना में लगभग 6% अधिक है।
दूसरे चरण में कहां-कहां हो रही है वोटिंग?
आज, यानी 11 नवंबर को मतदान हो रहा है -गया, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नवादा, भागलपुर, बांका, जमुई, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में।
कुल 1,302 उम्मीदवार इस चरण में मैदान में हैं - जिनमें 1,165 पुरुष, 136 महिलाएं और 1 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं मतदाताओं की संख्या 3.7 करोड़ से अधिक है, जिनमें 1.95 करोड़ पुरुष और 1.74 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।
चुनाव आयोग हर दो घंटे में मतदान के ताजा आंकड़े जारी कर रहा है। सुबह 9 बजे, 11 बजे और 1 बजे के आंकड़ों में ही साफ दिख रहा था कि इस बार जनता पिछले चरण से अधिक उत्साह दिखा रही है।
पहले चरण से ज्यादा जोश
पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को हुआ था, जिसमें 18 जिलों की 121 सीटों पर 65.08% वोटिंग दर्ज की गई थी - जो बिहार चुनाव के इतिहास में एक रिकॉर्ड था। अब दूसरे चरण में मतदान की गति और उत्साह पहले से अधिक दिखाई दे रहा है, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार बिहार एक नया मतदान रिकॉर्ड बना सकता है।
राज्य के सभी जिलों में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। आयोग ने संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम किए हैं। प्रत्येक जिले में पैरामिलिट्री बलों की तैनाती की गई है, ताकि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके। संवेदनशील बूथों पर शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी, जबकि सामान्य बूथों पर मतदान का समय शाम 6 बजे तक रखा गया है।
रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग, क्या होगा नतीजा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार वोटिंग प्रतिशत में जबरदस्त बढ़ोतरी सत्ता विरोधी लहर या बदलाव के संकेत दे सकती है। वहीं, सत्तारूढ़ गठबंधन इसे अपने विकास कार्यों की पुष्टि के रूप में देख रहा है। ब जब दूसरे चरण की वोटिंग पूरी हो चुकी है, तो सभी की निगाहें 14 नवंबर को आने वाले एग्जिट पोल्स और फिर 17 नवंबर के नतीजों पर टिकी हैं।
एक बात तय है - इस बार बिहार का चुनाव ना सिर्फ मतदाताओं के रिकॉर्ड तोड़ जोश से याद रखा जाएगा, बल्कि इस बात से भी कि क्या सर्वे एजेंसियां आखिरकार इस बार मतदाताओं का मूड पकड़ पाएंगी या नहीं।












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