बिहार SIR विवाद: सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई, RJD और AIMIM ने डेडलाइन बढ़ाने की रखी मांग—क्या होगा फैसला?
Bihar SIR: बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट आज इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट आज सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह तय करेगा कि डेडलाइन को बढ़ाया जाए या नहीं। अगर कोर्ट डेडलाइन बढ़ाने के पक्ष में फैसला देता है तो लाखों मतदाताओं को राहत मिलेगी। लेकिन अगर डेडलाइन जस की तस रखी जाती है तो कई लोगों को इस बार वोट देने से वंचित होना पड़ सकता है।

क्या है मामला?
चुनाव आयोग ने विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) के तहत दावों और आपत्तियों (claims and objections) को दाखिल करने की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2025 तय की है। यानी मतदाता सूची से जिनका नाम हटाया गया है या जिन्हें नया नाम जुड़वाना है, उनके पास आवेदन के लिए सिर्फ आज का ही दिन है।
लेकिन विपक्षी दलों का कहना है कि लाखों लोगों के नाम सूची से गलत तरीके से हटा दिए गए हैं और इतनी कम समय-सीमा में सभी प्रभावित लोग आवेदन नहीं कर पाएंगे।
RJD और AIMIM की क्या है दलील?
- RJD की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और शुऐब आलम ने दलील दी कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हैं।
- AIMIM की ओर से अधिवक्ता निज़ाम पाशा ने कहा कि हजारों लोग अब भी आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे।
- विपक्षी दलों की मांग है कि क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की डेडलाइन कम से कम 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई जाए।
- RJD ने कोर्ट में बताया कि सिर्फ पिछले हफ्ते में ही 1 लाख से अधिक दावे दाखिल किए गए हैं, जिनमें से 33,349 आवेदन केवल दो दिनों में जमा हुए। इससे यह साबित होता है कि डेडलाइन बढ़ाना बेहद जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट की स्थिति
शुक्रवार (29 अगस्त 2025) को जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने राजनीतिक दलों की अर्जी पर 1 सितंबर को तत्काल सुनवाई करने का संकेत दिया था। हालांकि शुक्रवार शाम को अपलोड हुए आदेश में सुनवाई की तारीख 8 सितंबर बताई गई थी। लेकिन बाद में आए एक और ताजा आदेश में स्पष्ट किया गया कि सभी याचिकाओं पर सुनवाई आज यानी 1 सितंबर को ही होगी।
क्यों बढ़ा विवाद?
बिहार में मतदाता सूची के SIR को लेकर विपक्ष का आरोप है कि यह कवायद दरअसल मतदाताओं के अधिकार छीनने की साजिश है। RJD का कहना है कि यदि डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई तो हजारों-लाखों असली मतदाता वोटिंग अधिकार से वंचित हो जाएंगे। AIMIM ने भी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया है।












Click it and Unblock the Notifications