Bihar Politics: 'नालायक बेटा 10वीं फेल, क्रिकेट में फेल', लालू परिवार पर जीतनराम मांझी का करारा वार
Bihar Politics: बिहार में इसी वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासत चरम पर है, जहां हाल ही में आयोगों और बोर्डों के पुनर्गठन को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री व राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर यह आरोप लगाया है कि सत्ता से जुड़े नेताओं और अधिकारियों के दामादों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर निष्पक्षता को दरकिनार किया गया है। तेजस्वी यादव ने इसको लेकर NDA के सहयोगी जीतनराम मांझी पर भी निशाना साधा। वहीं अब इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बिना नाम लिए तेजस्वी को 'नालायक बेटा' कहकर लालू परिवार पर ही सवाल उठा दिए हैं।
मांझी ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि, बेटे और दामाद दो तरह के होतें है... एक लायक,दूसरा नालायक। लायक बेटा अपने दम पर UNICEF में नौकरी करते हुए पढ़ाई करता है,UGC(NET) पास करके पीएचडी करता है फिर BPSC द्वारा आयोजित परीक्षा पास करके विश्वविद्यालय में शिक्षक बन जाता है। नालायक बेटा 10वीं पास भी नहीं कर पाता,पिता की कृपा से क्रिकेट खेलता है और जब वहाँ भी फेल कर जाता है तो वही पिता उस नालायक बेटे को राजनीति में उतार देते हैं और जबरदस्ती उसे दल की कमान सौंप देते हैं।

वैसे ही लायक दामाद अपने समाज का पहला इंजीनियर होता है और कई चुनाव लड़ने,सामाजिक कार्य करने के बाद योग्यता के आधार पर उन्हें कोई ओहदा दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर नालायक दामाद इंजीनियरिंग करने के बावजूद घर जमाई बनता है और रोज़ाना सास-ससुर-साले की गाली सुनने के बावजूद सांसद पत्नी का पर्स ढोए फिरता है।
क्या है पूरा मामला?
बिहार विधानसभा चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों के बीच नीतीश सरकार ने सवर्ण आयोग, अल्पसंख्यक आयोग और अनुसूचित जाति आयोग में बड़े फेरबदल कर राजनीतिक संदेश स्पष्ट करने की कोशिश की है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति आयोग की नई नियुक्तियों ने सियासी हलकों में सबसे अधिक सुर्खियां बटोरी हैं। इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामाजिक संतुलन के साथ-साथ राजनीतिक परिवारों के समीकरणों को साधने की रणनीति अपनाई है-आयोग के अध्यक्ष बनाए गए मृणाल पासवान, जो चिराग पासवान के बहनोई हैं (रामविलास पासवान की पहली पत्नी के दामाद), जबकि उपाध्यक्ष बने हैं देवेंद्र कुमार मांझी, जो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के दामाद हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्री अशोक चौधरी के दामाद सायन कुणाल को भी एक आयोग में नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इन्हें 'जमाई आयोग' की संज्ञा दी।












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