क्या लालू यादव की बेटी रोहिणी छोड़ देंगी राजनीति? ट्विटर पर भाई तेजस्वी, पिता समेत 58 नेताओं को किया अनफॉलो

Bihar Politics (Rohini acharya): बिहार की सियासत में एक बार फिर लालू परिवार चर्चा के केंद्र में है। इस बार वजह बनी हैं लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य, जिन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसा कदम उठाया जिससे पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। सोशल मीडिया पर यूजर लिख रहे हैं कि ऐसा लग रहा है मानो बिहार चुनाव से पहले रोहिणी राजनीति छोड़ देंगी।

तेजस्वी, लालू समेच 58 नेताओं को किया अनफॉलो, सिर्फ 3 प्रोफाइल बाकी

रोहिणी आचार्य पहले अपने X (ट्विटर) अकाउंट से कुल 61 प्रोफाइल फॉलो करती थीं। इनमें पिता लालू यादव, भाई तेजस्वी यादव और राजद के कई बड़े नेता शामिल थे। लेकिन सांसद संजय यादव विवाद के बाद अचानक उन्होंने सभी राजनीतिक शख्सियतों को अनफॉलो कर दिया। अब वे केवल तीन प्रोफाइल को फॉलो कर रही हैं, जिनमें से कोई भी राजनीति से जुड़ा नहीं है। इससे साफ संदेश गया कि रोहिणी ने सोशल मीडिया पर राजनीति को पूरी तरह किनारे कर दिया है।

Bihar Politics Rohini acharya

तेज प्रताप उतरे बहन के बचाव में

बहन के इस कदम के बाद तेज प्रताप यादव भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा - "मैं उनकी गोद में खेला हूं। अगर मेरी बहन का किसी ने अपमान किया तो सुदर्शन चक्र चलाऊंगा।" तेज प्रताप ने साफ कर दिया कि इस विवाद में वे पूरी तरह रोहिणी के साथ खड़े हैं।

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विवाद की जड़ -संजय यादव और बस की फ्रंट सीट

दरअसल, बवाल की शुरुआत उस वक्त हुई जब तेजस्वी यादव की 'बिहार अधिकार यात्रा' की बस की फ्रंट सीट पर संजय यादव बैठे नजर आए। तस्वीर वायरल होते ही पार्टी के अंदर से नाराजगी के सुर उठने लगे। रोहिणी ने भी इसे लेकर अप्रत्यक्ष तौर पर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करने लगीं।

इमोशनल पोस्ट और फिर अकाउंट प्राइवेट करने का फैसला

19 सितंबर की रात रोहिणी ने बैक टू बैक दो पोस्ट किए। पहले पिता लालू यादव की तस्वीर शेयर कर लिखा कि उनके लहू में बेखौफी और कुर्बानी का जज्बा है। दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा - "मैं एक बेटी और बहन के तौर पर अपना धर्म निभा चुकी हूं, मेरे लिए आत्मसम्मान सबसे बड़ा है, न कि कोई पद या महात्वाकांक्षा।"

अगली सुबह उन्होंने अपना अकाउंट अचानक प्राइवेट कर लिया। हालांकि, बाद में इसे फिर से सार्वजनिक कर दिया, लेकिन तब तक राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी थी। जब सार्वजनिक किया तो सभी राजनेताओं को अनफॉलो कर दिया।

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क्या राजनीति से किनारा करेंगी रोहिणी?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रोहिणी राजनीति से दूरी बना रही हैं। उनके कदम ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। कुछ जानकार मानते हैं कि यह महज सोशल मीडिया पर निजी स्पेस बनाए रखने की कोशिश है। वहीं, पार्टी के भीतर कई लोग इसे नेतृत्व से नाराजगी का संकेत मान रहे हैं। खासतौर पर तब, जब रोहिणी ने साफ शब्दों में कहा कि उनके लिए आत्मसम्मान किसी भी पद से ज्यादा अहम है।

परिवार की कलह से गरमाई बिहार की राजनीति

तेज प्रताप पहले ही संजय यादव को लेकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं और अब बहन रोहिणी का यह कदम पूरे परिवार में दरार की तस्वीर दिखा रहा है। चुनावी मौसम नजदीक है और ऐसे वक्त में लालू परिवार के भीतर की कलह ने विपक्ष को हमले का मौका दे दिया है। सवाल यही है कि क्या यह विवाद महज सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा या फिर सच में रोहिणी आचार्य राजनीति से किनारा करने जा रही हैं।

यह पूरा घटनाक्रम साफ दिखाता है कि बिहार की राजनीति में लालू परिवार की हर हलचल सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे राज्य के सियासी समीकरणों को प्रभावित करती है।

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