Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bihar News: टूट की कगार पर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी? विधायक के 4 लाइनों के सोशल मीडिया पोस्ट से हड़कंप

Bihar News: बिहार में नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha)के बेटे दीपक प्रकाश के शामिल होने के बाद से ही उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में सब कुछ ठीक नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के बीच, RLM विधायक रामेश्वर महतो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चार पंक्तियों का पोस्ट लिखकर शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि, 'जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता' अगर नेतृत्व की नीयत धुंधली हो जाए और नीतियां स्वार्थ की ओर मुड़ने लगें। हालांकि नाम नहीं लिया गया, पर विधायक की यह नाराजगी कुशवाहा द्वारा वंशवाद को बढ़ावा दिए जाने के कारण पैदा हुए आंतरिक विरोध को स्पष्ट करती है।

Upendra Kushwaha MLA

RLM विधायक रामेश्वर महतो कौन हैं?

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के विधायक रामेश्वर महतो बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं। वह राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) पार्टी के विधायक हैं और उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बाजपट्टी सीट से चुनाव लड़ा था। वह पहले जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के सदस्य थे और बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य भी रह चुके थे। उन्होंने नवंबर 2024 में जेडीयू से इस्तीफा दिया और राष्ट्रीय लोक मोर्चा में शामिल हो गए।

Rameshwar Mahto MLA: रामेश्वर महतो ने क्या कहा जिससे मचा बवाल

विधायक रामेश्वर महतो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि, राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत और दृढ़ नीति से मिलती है। जब नेतृत्व की नीयत धुंधली हो जाए और नीतियां जनहित से अधिक स्वार्थ की दिशा में मुड़ने लगें, तब जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता। आज का नागरिक जागरूक है वह हर कदम, हर निर्णय और हर इरादे को बारीकी से परखता है।

Deepak Prakash Minister: बेटा बना मंत्री, बढ़ा विरोध का सुर

राष्ट्रीय लोक मोर्चा में आंतरिक विरोध का मुख्य कारण उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने बेटे को मंत्री बनाया जाना है। यह फैसला इसलिए भी विवादास्पद रहा क्योंकि उनके बेटे न तो एमएलसी हैं और न ही विधायक। इस कदम के बाद से ही कुशवाहा लगातार पार्टी के भीतर विरोध झेल रहे हैं। बिहार विधानसभा सत्र के दौरान भी यह बिखराव साफ दिखाई दिया था। विधायकों की नाराजगी दर्शाती है कि वे वंशवाद को बढ़ावा देने वाले इस निर्णय को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर तब जब पार्टी ने चुनाव में केवल चार सीटें जीती हैं।

पार्टी में क्यों बढ़ रहा है आंतरिक बिखराव?

पार्टी में बिखराव बढ़ने के अन्य कारण हालिया संगठनात्मक बदलाव भी हैं। कुछ दिनों पहले उपेंद्र कुशवाहा ने माधव आनंद को विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी दी थी और अपनी पत्नी स्नेहलता को मुख्य सचेतक नियुक्त किया था। इन फैसलों ने कई विधायकों को दरकिनार महसूस कराया। रामेश्वर महतो की सोशल मीडिया पर नाराजगी इसी आंतरिक असंतोष का परिणाम है। 2025 के विधानसभा चुनाव में 6 सीटों पर लड़कर 4 सीटें जीतने वाली पार्टी के भीतर यह विरोध शीर्ष नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+