Bihar Politics: 'तुम्हारे पिता को हम ही बनाए थे' नीतीश ने कैसे एक लाइन में तेजस्वी को दिखा दिया अतीत और भविष्य
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी का दौर जारी है। राज्य के मुख्यमंत्री और जेडीयू (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को एक ऐसी नसीहत दे डाली, जिससे न केवल आरजेडी (RJD) का अतीत सामने आ गया, बल्कि उसका चुनावी भविष्य भी प्रभावित हो सकता है।
नीतीश कुमार ने जब तेजस्वी यादव से सदन में कहा कि,"तुम्हारे पिता को हम ही बनाए थे..." तो यह केवल एक बयान नहीं था, बल्कि यह बिहार की राजनीति के पुराने हालातों को कुरेदने की कोशिश थी और साथ ही बदले हुए समीकरणों का भी संकेत था।

Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: नीतीश ने विधानसभा में तेजस्वी यादव को बता दिया पिता का अतीत
जेडीयू चीफ बोले, "अरे तुम्हारे (तेजस्वी यादव) पिता को हम ही बनाए थे...उस समय नहीं था ये सब..फालतू छोड़ो...अरे तोड़ा जात (यादव) वाला भी, अरे तुम्हारे जात वाले भी जो थे हमको कहते थे कि काहे को आप कर रहे हैं, तब हमने तो उसी आदमी (लालू यादव) को बना दिया था। ये सब कुछ नहीं जानते हो...."
Nitish Kumar latest speech: आरजेडी के चुनावी मंसूबों को झटका
दरअसल, तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए अपने परंपरागत मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण से आगे बढ़ते हुए अति पिछड़ों, गैर-यादव पिछड़ों और दलितों को साधने की रणनीति अपनाई है। 2024 और 2025 के चुनावों को देखते हुए यह आरजेडी की राजनीतिक मजबूरी भी है, क्योंकि बिना जनाधार में विस्तार के पार्टी की सत्ता में वापसी की राह चुनौतीपूर्ण है।
लेकिन, नीतीश ने लालू यादव के बारे यह कहकर कि "....और बाद में जब गड़बड़ कर रहे थे...पिछड़ा और अति पिछड़ा...आज नहीं, हम लोग के जो नेता थे कर्पूरी जी वो किए थे...तो वो (लालू) करना चाहते थे कि पिछड़ा, अति पिछड़ा को बंद करके खाली पिछड़ा करेंगे,हमने कहा फालतू बात है...अरे अति पिछड़ा है.. कितना महत्वपूर्ण है...हमने उसी समय विरोध किया।"
नीतीश के इस बयान ने लालू की पार्टी इस रणनीति को झटका देने का काम किया है। उन्होंने एक तरह से यह साफ करने की कोशिश की है कि लालू यादव की राजनीति अति-पिछड़ों के विरोध की रही है और उन्होंने ही इसका विरोध करते हुए अति-पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने का काम किया था। उनके इस बयान से यह भी साफ होता है कि जेडीयू अब भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) के साथ मजबूती से खड़ी है।
Bihar Politics: लालू के न्योते पर नीतीश दिखा चुके हैं बेरुखी
इसी साल जनवरी में लालू प्रसाद यादव ने यह बयान दिया था कि जेडीयू के लिए INDIA गठबंधन (I.N.D.I.A) के दरवाजे खुले हैं। लेकिन, नीतीश कुमार ने इस न्योते को पूरी तरह ठुकरा दिया और कहा,'हमसे दो बार गलती हुई, अब हम हमेशा साथ (NDA में) रहेंगे और विकास पर ध्यान देंगे।'
Bihar Chunav: सामाजिक न्याय की लड़ाई में नीतीश मार ले गए बाजी?
अब नीतीश कुमार के नए बयान ने बिहार की राजनीति को फिर से गरमा दिया है। क्योंकि, उनका इशारा तेजस्वी यादव और आरजेडी की ओर तो था ही,राज्य के पूरे राजनीतिक परिदृश्य को लेकर भी था।
उन्होंने अपने पुराने फैसलों को याद दिलाकर यह जता दिया कि बिहार में सामाजिक न्याय की असली लड़ाई उन्होंने ही लड़ी है, न कि लालू और आरजेडी ने। ऐसे में लालू के लिए अपने बेटे को मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाने के लिए सियासी पिच को नए सिरे से तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है।












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