Bihar News: बीजेपी में क्यों आना चाह रहे नीतीश और कहां अटकी बात? 5 प्वाइंट में जानें पीछे की वजहें

Bihar Political Crisis: लोकसभा चुनाव के अब कुछ ही महीने शेष रह गए हैं। इस बीच, बिहार की राजनीति में उठा-पटक देखने को मिल रही है। बिहार की नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की जेडीयू और लालू प्रसाद (Lalu Prasad) की आरजेडी के बीच दरार बढ़ती जा रही है।

वहीं, नीतीश की एनडीए (NDA) की सत्ता में वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। विपक्षी गुट 'INDIA' महागठबंंधन से बाहर आकर नीतीश बीजेपी संग सरकार बनाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू एनडीए में वापसी करेगी और बीजेपी के साथ सरकार बनाएगी। लेकिन, अभी भी नीतीश और बीजेपी के बीच कुछ पेंच फंसा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पहले नीतीश इस्तीफा देंगे और फिर एनडीए में वापसी करेंगे। आइए जानते हैं 5 प्वाइंट्स में समझें सबकुछ?

Bihar Political Crisis

कहां अटकी बात?
दरअसल, नीतीश की पलटूराम राजनीति में अभी भी कुछ पेंच फंसा हुआ है। जेडीयू, एनडीए में वापसी करना चाह रही है और बीजेपी संग सरकार बनाना चाह रही है। सूत्रों की मानें तो, सीएम पद को लेकर बात अटकी हुई है। दरअसल, बीजेपी अपने पास सीएम पद रखना चाहती है और जेडीयू को डिप्टी सीएम का पद देना चाहती है। लेकिन, नीतीश अपने पास सीएम पद रखना चाहते हैं।

बीजेपी प्रदेश नेतृत्व को स्वीकार नहीं?
उधर, बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को नीतीश का बीजेपी में आना कुछ खास पंसद नहीं आ रहा है। तभी मीडिया से मुखातिब होते ही उन्होंने साफ कह दिया कि नीतीश के लिए बीजेपी के दरवाजे बंद हैं। उनकी आत्मा बार-बार बदलती है।

वहीं, नीतीश और जेडीयू की राह में सबसे बड़े अवरोधक के तौर पर चिराग पासवान को समझा जा रहा है। इसलिए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को दिल्ली तलब किया। अमित शाह के आवास पर बिहार के सभी दिग्गज नेताओं के साथ 95 मिनट की बैठक हुई। हालांकि, बैठक से बाहर निकलते ही चौधरी ने कहा कि बैठक पूरी तरह से चुनावी मुद्दों पर केंद्रित रही।

चिराग पासवान को एनडीए से बाहर की मांग
नीतीश कुमार ने बीजेपी से बिहार के लिए स्पेशल पैकेज और चिराग पासवान को एनडीए से बाहर करने की मांग की है। हालांकि, बीजेपी अभी तक चिराग पर ना-नुकुर का मन बनाए हुए हैं। लेकिन, स्पेशल पैकेज को लेकर हां मिल सकती है। जैसे ही स्पेशल पैकेज को मंजूरी मिली तो नीतिश अपने एनडीए में जाने के पीछे इसे अहम वजह के रूप में पेश कर सकते हैं। खबर यह भी है कि पासवान से अमित शाह ने बात की है और दिल्ली में दोनों की मुलाकात हो सकती है।

2025 तक CM रहने की चाहत
सूत्रों की मानें तो, नीतीश कुमार 2025 तक मुख्यमंत्री बने रहना चाहते हैं। लेकिन, राज्य बीजेपी नेतृत्व सहमत नहीं है। हालांकि, नीतीश ने बीच का रास्ता भी निकाल लिया है। नीतीश का सुझाव है कि अगले विधानसभा चुनाव में उन्हें, मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने की जरूरत नहीं है।

क्या कहते हैं समीकरण?
दरअसल, बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं। यहां बहुमत के लिए 122 सीटों की दरकार रही है। राज्य की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी के पास 79 सीटें हैं। दूसरे नंबर पर 77 सीटों के साथ बीजेपी विराजमान है। तीसरे नंबर पर नीतीश की जेडीयू 45 सीटों के साथ है। इसके बाद कांग्रेस 19 के साथ है। अगर, नीतीश की जेडीयू गठबंधन से बाहर आकर बीजेपी के साथ सरकार बनाती है, तो दोनों की संख्या बहुमत की रेखा को छू लेंगे।

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