Bihar News: सावधान! मार्केट में नकली दवाइयों की बढ़ी सप्लाई, 4 करोड़ रुपये का माल ज़ब्त, जानिए मामला
Bihar Gaya Medicine News: बिहार के गया जी से अवैध दवा व्यापार का मामला सामने आया है, जहां नकली और नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ़ अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो दिनों में लगभग 4 करोड़ की नकली दवाएँ ज़ब्त की गई हैं। इस कार्रवाई से नकली दवाओं का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि ये नकली दवाएँ लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।
औषधि और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत गयाजी में छापेमारी की गई। पहली छापेमारी मंगलवार को हुई, उसके बाद शनिवार सुबह दूसरी छापेमारी की गई। इन कार्रवाईयों के दौरान करीब 3 करोड़ की नकली दवाइयां जब्त की गईं। इन कोशिशों में ग्वालियर से आई नारकोटिक्स विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई।

छापेमारी में नकली दवाओं का विशाल जखीरा बरामद: सहायक औषधि नियंत्रक विजय कुमार ने पुष्टि की कि गया जिला औषधि विभाग ने ग्वालियर के नारकोटिक्स विभाग के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। कोतवाली थाना क्षेत्र के कुमार कॉलोनी में एक किराए के मकान में छापेमारी की गई, जिसमें भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की गईं।
जब्त की गई वस्तुओं में इंजेक्शन, गोलियां और कुछ नशीली दवाएं शामिल हैं। हालांकि, विजय कुमार ने बताया कि वे अभी भी जब्त की गई सभी वस्तुओं की सूची तैयार कर रहे हैं ताकि उनका सही मूल्य निर्धारित किया जा सके। शुरुआती अनुमानों से पता चलता है कि कुल कीमत 4 करोड़ से अधिक हो सकती है।
गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी: जिला औषधि विभाग को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। मंगलवार को ऐसी ही एक छापेमारी के दौरान डब्लू कुमार को पकड़ा गया। उसकी सूचना के आधार पर शुक्रवार रात को और छापेमारी की गई। अधिकारी अब नकली और नशीली दवाओं के अन्य संभावित ठिकानों की जांच कर रहे हैं।
जब्त दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विजय कुमार ने बताया कि, "कोतवाली थाना क्षेत्र के रंग बहादुर रोड और रामशिला चुटकी नवादा में एक किराए के मकान से नकली और नशीली दवाओं का भारी जखीरा जब्त किया गया है।"
मुख्य आपूर्तिकर्ता अभी भी फरार: इन ऑपरेशनों के दौरान मुख्य सप्लायर के मैनेजर डब्लू कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसने ऐसी जानकारी दी जिसके आधार पर अतिरिक्त छापेमारी की गई। सहायक औषधि नियंत्रक विजय कुमार ने बताया कि कुमार कॉलोनी में जिस घर से ड्रग्स बरामद हुई, उसका मालिक सुनील कुमार सिंह है।
जब सुमित कुमार की तस्वीर दिखाई गई, जिसकी पहचान रामशिला और रंग बहादुर रोड पर चल रहे धंधों के पीछे के सरगना के रूप में की गई, तो सुनील सिंह ने उसकी संलिप्तता की पुष्टि की। इस पहचान के बावजूद, सुमित कुमार अभी भी फरार है।
आगे की कानूनी कार्रवाई: घटनास्थल पर बड़ी संख्या में दवाइयों के कवर और टैग भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। विजय कुमार ने बताया कि नारकोटिक्स विभाग इस मामले में सक्रिय रूप से काम कर रहा है, लेकिन कानूनी कार्रवाई पुलिस थानों के बजाय जिला औषधि विभाग द्वारा अदालत में शुरू की जाएगी।
ड्रग कंट्रोलर विभाग आमतौर पर नकली दवाओं से जुड़े मामलों को सीधे अदालत में दर्ज करता है। वर्तमान में, वे सभी जब्त वस्तुओं की एक व्यापक सूची तैयार कर रहे हैं क्योंकि छापे गए स्थानों में से किसी के पास जिला चिकित्सा से वैध लाइसेंस नहीं था।












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