Bihar: नीतीश कुमार ने लालू यादव के प्रस्ताव को ठुकराया, कहा-'राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन की संभावना नहीं'
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू यादव के सुलह के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी जदयू और यादव की राष्ट्रीय जनता दल के बीच अब किसी भी प्रकार के गठबंधन की संभावना नहीं है। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नीतीश कुमार को एनडीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिए जाने के बाद आया है।
नीतीश का ठोस रुख, सुलह का सवाल ही नहीं
मुजफ्फरपुर में 450 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह के दौरान नीतीश कुमार ने अपने रुख को साफ करते हुए कहा कि उनके प्रशासन ने बिहार में सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने जीविका योजना का जिक्र करते हुए इसे महिलाओं के लिए मील का पत्थर बताया। जिसे केंद्र सरकार ने आगे बढ़ाकर आजीविका योजना के रूप में अपनाया।

कुमार ने याद दिलाया कि राजद के शासन के दौरान बिहार की स्थिति कैसी थी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग सूर्यास्त के बाद बाहर निकलने से डरते थे। महिलाओं की स्थिति और सुरक्षा पर सवाल उठाए जाते थे। अब हालात बदल चुके हैं और यह हमारे प्रशासन की उपलब्धि है।
लालू यादव की सुलह की पेशकश और तेजस्वी का बयान
लालू यादव ने हाल ही में संकेत दिया था कि वे नीतीश कुमार के लिए अपने दरवाजे खुले रखने को तैयार हैं। हालांकि यादव के बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए राजद के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि राजद अपने दम पर सरकार बनाने की क्षमता रखता है।
भाजपा और एनडीए की भूमिका
दूसरी ओर बिहार भाजपा के नेताओं ने नीतीश कुमार को आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए का चेहरा बनाने का समर्थन किया है। यह भाजपा की रणनीति को दर्शाता है। जिसमें लोकसभा चुनाव में बहुमत से कम रहने के बावजूद जेडीयू और अन्य दलों के साथ गठबंधन पर भरोसा किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषण, बिहार में स्थायी विभाजन
नीतीश कुमार और राजद के बीच मतभेद अब अस्थायी नहीं। बल्कि स्थायी दिखाई दे रहे हैं। कुमार ने न केवल लालू यादव के प्रस्ताव को ठुकराया। बल्कि उनके शासनकाल की तीखी आलोचना करते हुए यह भी संकेत दिया कि जदयू-भाजपा गठबंधन भविष्य में राज्य के विकास के लिए बेहतर विकल्प है।
आगामी चुनावी परिदृश्य
बिहार में राजनीतिक समीकरण विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही और अधिक जटिल हो गए हैं। राजद, जदयू और भाजपा के बीच की कड़ी टकराव आगामी चुनावों में मतदाताओं के लिए कई सवाल खड़े करती है।












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