Bihar News: प्रदेश में यह कैसी रोज़गार की बहार, किसी को मिली नौकरी, तो कही लटक रही तलवार!
Bihar News, Guest Teachers Demands: छठ के मौक़े पर जहां लोग त्योहार का जश्न मना रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ़ अतिथि शिक्षकों के चेहरे पर मायूसी छायी हुई है। उन्हें नौकरी जाने का डर सता रहा है। प्रदेश के विभिन्न ज़िलों से गेस्ट टीचर प्रदेश की राजधानी पटना में इकट्ठा हुए। उनकी मांग है कि परमानेंट शिक्षक का दर्जा दिया जाए।
स्थाई शिक्षक का दर्जा मिलना तो दूर, उनकी नौकरी पर ही तलवार लटक गई है। इसी क्रम में पटना में पूर्व एमएलसी केदारनाथ पांडेय के आवास पर अतिथि शिक्षक पहुंचे। उन्होंने पूर्व एमएलसी केदारनाथ पांडेय के बेटे आनंद पुष्कर से मुलाक़ात की और अपनी मांगों को लेकर गुहार लगाई। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि 3 महीने हो चुके हैं, प्रदेश सरकार की तरफ़ कुछ भी साफ़ नहीं किया जा रहा है।

वन इंडिया हिंदी से इन्हीं मुद्दों पर आनंद पुष्कर ने ख़ास बातचीत की, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। BPSC द्वारा शिक्षकों की बहाली अच्छी पहल है, लेकिन जिन गेस्ट टीचरों ने स्कूलों में 6 साल सेवाएं दी हैं। उन्हें हाटाया जाना सही नहीं है।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि अब तो उम्र सीमा भी निकल चुकी है, किसी सरकारी नौकरी की परीक्षा के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते। 4250 अतिथि शिक्षकों को नौकरी से हटा देने का फैसला बहुत ही ग़लत है। ग़ौरतलब है कि नवादा और गोपालगंज में अभी तक 86 गेस्ट टीचर्स को डीईओ (जिला शिक्षा पदाधिकारी) ने नौकरी से हटा दिया है।
अतिथि शिक्षकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार अपने फ़ैसले वापिस नहीं लेती है, तो सभी गेस्ट टीचर्स सीएम नीतीश कुमार के सामने आत्मदह कर लेंगे। उन्होंने कहा कि हम लोगों की कोई बड़ी मांग नहीं है। 2018 में जो गेस्ट टीचर्स की बहाली हुई थी, उसे कंटीन्यु कर दिया जाए। आनंद पुष्कर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात कर अतिथि शिक्षकों के सेवा बहाल करने की गुज़ारिश की है।












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